राजस्थान में प्रति व्यक्ति आय बढ़कर 2.05 लाख रुपये से अधिक, सीएम भजनलाल ने गिनाई विकास उपलब्धियां

Edited By Anil Jangid, Updated: 13 Jun, 2026 05:05 PM

rajasthan per capita income rises above rs 2 05 lakh

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल को राज्य और देश के विकास के लिए ऐतिहासिक बताया है। राजधानी जयपुर में आयोजित ‘मीडिया संवाद’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा...

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल को राज्य और देश के विकास के लिए ऐतिहासिक बताया है। राजधानी जयपुर में आयोजित ‘मीडिया संवाद’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्षों में राजस्थान की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और विकास की रफ्तार तेज हुई है।

 

सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि एक समय राज्य की प्रति व्यक्ति आय लगभग 69 हजार रुपये थी, जो अब बढ़कर 2.05 लाख रुपये से अधिक हो गई है। उन्होंने इसे राजस्थान की मजबूत होती अर्थव्यवस्था और सतत विकास का संकेत बताया। उनके अनुसार यह वृद्धि राज्य में निवेश, रोजगार और बुनियादी ढांचे के विस्तार का परिणाम है।

 

उन्होंने सड़क संपर्क व्यवस्था में हुई प्रगति का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2014 से पहले प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत राजस्थान में लगभग 53 हजार किलोमीटर सड़कें बनी थीं, जबकि वर्तमान में यह आंकड़ा 86 हजार किलोमीटर से अधिक हो गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम हुआ है और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिली है।

 

सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के विस्तार पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले जहां करीब 57 लाख लोग इन योजनाओं का लाभ ले रहे थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर लगभग 90 लाख तक पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।

 

कृषि क्षेत्र में सुधार का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि सरकार ने वर्ष 2027 तक किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा था, लेकिन 26 जिलों में यह सुविधा पहले ही शुरू कर दी गई है। इसे कृषि उत्पादन और ग्रामीण जीवन स्तर सुधारने में महत्वपूर्ण कदम बताया गया।

 

ऊर्जा क्षेत्र में प्रगति पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार के पांच वर्षों में लगभग 3,500 मेगावाट बिजली उत्पादन बढ़ा था, जबकि वर्तमान सरकार ने ढाई वर्षों में ही 12,000 मेगावाट की वृद्धि दर्ज की है।

 

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने युवाओं के सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति, कौशल विकास, स्टार्टअप संस्कृति और खेलों को बढ़ावा देने से युवा अब रोजगार मांगने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले बन रहे हैं।

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