Edited By Anil Jangid, Updated: 24 Jun, 2026 12:38 PM

जयपुर। राजस्थान सरकार ने राज्य में यूसीसी यानि समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में औपचारिक कदम बढ़ाने का ऐलान कर दिया है. सरकार ने इसके लिए एक विशेषज्ञ समिति गठित करने का फैसला किया है, जो यूसीसी के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट...
जयपुर। राजस्थान सरकार ने राज्य में यूसीसी यानि समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में औपचारिक कदम बढ़ाने का ऐलान कर दिया है. सरकार ने इसके लिए एक विशेषज्ञ समिति गठित करने का फैसला किया है, जो यूसीसी के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी. इस संबंध में कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल और गृहराज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने प्रेस वार्ता कर सरकार की मंशा और आगे की योजना की जानकारी दी है।
इसको लेकर जोगाराम पटेल ने कहा कि भारतीय संविधान का अनुच्छेद-44 राज्य को समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में कार्य करने का दायित्व देता है. इसी भावना के अनुरूप राजस्थान सरकार राजस्थान समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि एक देश और एक राज्य में अलग-अलग समुदायों के लिए अलग-अलग व्यक्तिगत कानून होने के बजाय सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार और समान कानून होना चाहिए. सरकार का मानना है कि कानून के सामने सभी नागरिक बराबर होने चाहिए और उन्हें समान अवसर मिलने चाहिए.
जोगाराम पटेल ने कहा कि वर्तमान में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और अन्य नागरिक मामलों में अलग-अलग समुदायों के लिए अलग-अलग कानून लागू हैं. ऐसे में कई बार असमानता की स्थिति पैदा होती है. सरकार का उद्देश्य ऐसा कानून तैयार करना है जो सभी नागरिकों को समान अधिकार प्रदान करे और लैंगिक समानता को भी सुनिश्चित करे. उन्होंने बताया कि विशेषज्ञ समिति इन सभी विषयों का विस्तृत अध्ययन करेगी और यह देखेगी कि राज्य में यूसीसी लागू करने का सबसे उपयुक्त तरीका क्या हो सकता है.
सरकार की ओर से गठित की जाने वाली समिति में सेवानिवृत्त न्यायाधीशों समेत विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल होंगे. समिति सामाजिक, कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी. इसको लेकर पटेल ने कहा कि सरकार चाहती है कि यूसीसी को लेकर कोई भी निर्णय पूरी गंभीरता और व्यापक अध्ययन के बाद लिया जाए. इसी कारण विशेषज्ञों की राय को प्राथमिकता दी जा रही है.
कैबिनेट मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि समिति के गठन और अध्ययन के दौरान यह विशेष ध्यान रखा जाएगा कि जनजातीय समुदायों की परंपराओं, संस्कृति और सामाजिक पहचान को किसी प्रकार की क्षति न पहुंचे. उन्होंने कहा कि सरकार संतुलित और संवेदनशील दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ रही है. यूसीसी पर विचार करते समय सभी वर्गों की भावनाओं और सामाजिक संरचना का सम्मान किया जाएगा.
जोगाराम पटेल ने कहा कि असम में भी समान नागरिक संहिता को लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है. राजस्थान सरकार भी इस विषय पर गंभीरता से काम कर रही है और संविधान की भावना के अनुरूप आगे बढ़ना चाहती है. उन्होंने कहा कि विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट आने के बाद सरकार आगे की कार्रवाई तय करेगी.