Edited By Anil Jangid, Updated: 05 Jan, 2026 03:51 PM

जयपुर। राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर एसीबी चौकी चूरू इकाई ने रविवार, 5 जनवरी को बड़ी कार्रवाई करते हुए जोधपुर डिस्कॉम के उपखण्ड कार्यालय उपनी (मुख्यालय...
जयपुर। राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर एसीबी चौकी चूरू इकाई ने रविवार, 5 जनवरी को बड़ी कार्रवाई करते हुए जोधपुर डिस्कॉम के उपखण्ड कार्यालय उपनी (मुख्यालय श्रीडूंगरगढ़, जिला बीकानेर) में पदस्थ तकनीशियन विनोद कुमार को 1 लाख 45 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। रिश्वत की राशि आरोपी की पहनी हुई पेंट की जेब से बरामद की गई।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक गोविन्द गुप्ता ने बताया कि एसीबी चौकी चूरू को एक शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसमें परिवादी ने आरोप लगाया था कि उसके पिता के नाम से चल रहे कृषि विद्युत कनेक्शन में नाम परिवर्तन कराने और वीसीआर (VCR) की राशि कम कर जमा कराने की एवज में तकनीशियन विनोद कुमार लगातार रिश्वत की मांग कर रहा था। शिकायतकर्ता का कहना था कि रिश्वत नहीं देने पर उसे परेशान किया जा रहा था।
शिकायत की गंभीरता को देखते हुए एसीबी बीकानेर के उप महानिरीक्षक भुवन भूषण यादव के सुपरवीजन में कार्रवाई की योजना बनाई गई। एसीबी चूरू के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महावीर प्रसाद शर्मा के निर्देशन में पुलिस निरीक्षक महेन्द्र कुमार के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया। पहले आरोपी द्वारा की जा रही रिश्वत मांग का सत्यापन कराया गया, जो सही पाए जाने पर ट्रैप की कार्रवाई की गई।
निर्धारित योजना के तहत 5 जनवरी को डिस्कॉम के उपखण्ड कार्यालय उपनी में जैसे ही आरोपी विनोद कुमार ने परिवादी से 1 लाख 45 हजार रुपये की रिश्वत राशि ली, एसीबी टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। तलाशी के दौरान पूरी रिश्वत राशि आरोपी की जेब से बरामद कर ली गई।
एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस स्मिता श्रीवास्तव के सुपरवीजन में आरोपी से पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। एसीबी ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है और मामले में गहन अनुसंधान किया जा रहा है। इस कार्रवाई के बाद डिस्कॉम विभाग में हड़कंप मच गया है और एसीबी की सख्त कार्रवाई से भ्रष्ट अधिकारियों में खौफ देखा जा रहा है।