वरिष्ठ अध्यापक परीक्षा में डमी कैंडिडेट प्रकरण: SOG की बड़ी कार्रवाई, 5 गिरफ्तार

Edited By Anil Jangid, Updated: 18 Feb, 2026 01:02 PM

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जयपुर। राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) टीम ने वरिष्ठ अध्यापक (द्वितीय श्रेणी) परीक्षा में डमी कैंडिडेट बैठाकर चयन कराने वाले गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में तीन MBBS डॉक्टर,...

जयपुर। राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) टीम ने वरिष्ठ अध्यापक (द्वितीय श्रेणी) परीक्षा में डमी कैंडिडेट बैठाकर चयन कराने वाले गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में तीन MBBS डॉक्टर, दो सरकारी अध्यापक तथा एक संदिग्ध MBBS डॉक्टर शामिल हैं।

 

SOG टीम ने अलग-अलग राज्यों और शहरों में दबिश देकर इन आरोपियों को पकड़ा। आरोपी महेश कुमार को जयपुर, महिपाल को कोटा, सहीराम को पोर्ट ब्लेयर (अंडमान-निकोबार), तथा हनुमानाराम और निवास कुराडा को जालोर से गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई जयपुर, कोटा, कोलकाता, अंडमान और जालोर सहित विभिन्न स्थानों पर की गई।

 

एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि यह मामला राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित वरिष्ठ अध्यापक (माध्यमिक शिक्षा) द्वितीय श्रेणी प्रतियोगी परीक्षा-2022 से जुड़ा है। सामान्य ज्ञान एवं शैक्षिक मनोविज्ञान तथा विज्ञान विषय की परीक्षा 24 दिसंबर 2022 को आयोजित की गई थी। सामान्य ज्ञान एवं शैक्षिक मनोविज्ञान का प्रश्नपत्र लीक होने के कारण परीक्षा निरस्त कर 29 जनवरी 2023 को पुनः आयोजित की गई थी।

 

शिकायत मिली थी कि कुछ अभ्यर्थियों ने डमी परीक्षार्थियों के माध्यम से परीक्षा पास कर वरिष्ठ अध्यापक पद पर धोखाधड़ीपूर्वक चयन प्राप्त किया। इस मामले में SOG ने 14 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इससे पहले 12 मूल अभ्यर्थियों, 3 डमी कैंडिडेट और 5 सहयोगी अभियुक्तों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

 

एडीजी बंसल ने बताया कि इस प्रकरण में सबसे बड़ी चुनौती केवल फोटोग्राफ के आधार पर डमी परीक्षार्थियों की पहचान करना था। आईजी शरत कविराज के निर्देशन में एक अभिनव तकनीकी पहल करते हुए वन-टाइम रजिस्ट्रेशन डाटाबेस के समानांतर विशेष सॉफ्टवेयर विकसित किया गया। इसमें अभ्यर्थियों के फोटो और विवरण उपलब्ध थे।

 

करीब 40 लाख अभ्यर्थियों के डाटाबेस और फोटोग्राफ का मिलान कर संदिग्धों की पहचान सुनिश्चित की गई। तकनीकी विश्लेषण और सतत निगरानी के बाद SOG टीम ने आरोपियों को गिरफ्तार कर परीक्षा में संगठित धोखाधड़ी का खुलासा किया। मामले की जांच जारी है और अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों की तलाश की जा रही है।

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