Edited By Anil Jangid, Updated: 25 Feb, 2026 07:45 PM

जयपुर: जयपुर के शासन सचिवालय परिसर में महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित “राजीविका रंगोत्सव” (होली मेला) का भव्य शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने किया। इस अवसर पर अतिरिक्त...
जयपुर: जयपुर के शासन सचिवालय परिसर में महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित “राजीविका रंगोत्सव” (होली मेला) का भव्य शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने किया। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव, ग्रामीण विकास विभाग श्रेया गुहा तथा राज्य मिशन निदेशक, राजीविका नेहा गिरि भी उपस्थित रहीं।
मुख्य सचिव ने महिला स्वयं सहायता समूहों की सराहना करते हुए कहा कि राजीविका द्वारा आयोजित ऐसे विपणन मंच महिला उद्यमिता को नई दिशा प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण महिलाओं द्वारा तैयार उत्पाद गुणवत्ता और नवाचार के उत्कृष्ट उदाहरण हैं तथा ये ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रेया गुहा ने महिला समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों को पारंपरिक कौशल और आधुनिक पैकेजिंग का बेहतरीन संगम बताया। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने विभिन्न स्टॉल का अवलोकन कर महिला उद्यमियों से संवाद किया और उनके उत्पादों, विपणन रणनीतियों एवं पैकेजिंग संबंधी जानकारी ली।
राजीविका की राज्य मिशन निदेशक ने बताया कि ऐसे आयोजनों से स्वयं सहायता समूहों को प्रत्यक्ष बाजार उपलब्ध होता है, जिससे उन्हें ग्राहकों की प्रतिक्रिया मिलती है और उत्पादों को बेहतर बनाने का अवसर प्राप्त होता है।
“राजीविका रंगोत्सव” 25 से 27 फरवरी 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। इसमें राजस्थान के 13 जिलों से 15 स्वयं सहायता समूह भाग ले रहे हैं और कुल 10 स्टॉल लगाए गए हैं। स्टॉल पर हर्बल गुलाल, पारंपरिक खाद्य सामग्री, गुजिया, ठंडाई, हर्बल उत्पाद, उपहार एवं सजावटी सामग्री, सॉफ्ट टॉयज, लकड़ी और क्रोशिया उत्पादों का प्रदर्शन व विक्रय किया जा रहा है। होली के अवसर को देखते हुए इको-फ्रेंडली उत्पादों को विशेष प्राथमिकता दी गई है।
इस आयोजन का उद्देश्य महिला उद्यमों को बाजार में पहचान दिलाना, “राजसखी” ब्रांड को मजबूत करना तथा राज्य में महिलाओं की आजीविका को प्रोत्साहित करना है। यह मेला महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।