सेना दिवस परेड 2026 से पहले जयपुर में भारतीय सेना की सिम्फनी बैंड प्रस्तुति, जवाहर कला केंद्र में देशभक्ति से सजी सांस्कृतिक संध्या

Edited By Kuldeep Kundara, Updated: 07 Jan, 2026 09:02 AM

a special symphony band performance was held at jkk ahead of army day

जयपुर | सेना दिवस परेड 2026 के पूर्व आयोजन के रूप में भारतीय सेना द्वारा जवाहर कला केंद्र, जयपुर में एक विशेष सिम्फनी बैंड प्रस्तुति का आयोजन किया गया।

जयपुर | सेना दिवस परेड 2026 के पूर्व आयोजन के रूप में भारतीय सेना द्वारा जवाहर कला केंद्र, जयपुर में एक विशेष सिम्फनी बैंड प्रस्तुति का आयोजन किया गया।  इस भव्य सांस्कृतिक संध्या में संगीत, परंपरा एवं सैन्य अनुशासन का उत्कृष्ट समन्वय देखने को मिला, जिसने उपस्थित विशिष्ट अतिथियों को मंत्रमुग्ध कर दिया।  कार्यक्रम में लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह, आर्मी कमांडर, सप्त शक्ति कमांड तथा बरिंदर जीत कौर, क्षेत्रीय अध्यक्षा, आर्मी वुमेन्स वेलफेयर एसोसिएशन (AWWA) की गरिमामयी उपस्थिति रहीं। 

इस प्रस्तुति में भारतीय सेना के सिम्फनी बैंड की संगीतात्मक उत्कृष्टता एवं समृद्ध विरासत का प्रभावशाली प्रदर्शन किया गया।  इस संगीत कार्यक्रम ने देशभक्ति, अनुशासन और सांस्कृतिक गरिमा की भावना को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।  यह आयोजन 15 जनवरी 2026 को जयपुर में आयोजित होने वाली सेना दिवस परेड के लिए एक महत्वपूर्ण ‘कर्टन रेज़र’ सिद्ध हुआ।

इस संध्या को एक विशिष्ट सांस्कृतिक आयाम प्रदान करते हुए आर्मी वुमेन्स वेलफेयर एसोसिएशन (AWWA) द्वारा एक प्रभावशाली प्रेजेंटेशन सेरेमनी भी आयोजित की गई।  इस प्रस्तुति ने सैन्य परिवारों की शक्ति, प्रतिभा एवं अडिग मनोबल को उजागर किया तथा राष्ट्र की सशस्त्र सेनाओं के प्रति उनके महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित किया।

कार्यक्रम के दौरान रोटरी क्लब जयपुर, जयपुर नेशनल यूनिवर्सिटी तथा महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल ने आर्मी वुमेन्स वेलफेयर एसोसिएशन (AWWA) को आर्थिक सहायता एवं मोबिलिटी सहायक उपकरण प्रदान कर पूर्व सैनिकों एवं वीर नारियों के कल्याण हेतु महत्वपूर्ण योगदान दिया।  यह पहल समाज के प्रति उत्तरदायित्व और सैनिक परिवारों के प्रति सम्मान की भावना को सशक्त रूप से प्रतिबिंबित करती है।

विशेष सिम्फनी बैंड प्रस्तुति को दर्शकों द्वारा व्यापक सराहना मिली और इसने सांस्कृतिक माध्यमों के जरिए जनसंपर्क को सुदृढ़ करने की भारतीय सेना की प्रतिबद्धता को पुनः प्रमाणित किया।  साथ ही यह आयोजन सेवा, बलिदान और एकता जैसे मूल्यों के उत्सव का प्रतीक रहा।

जवाहर कला केंद्र में आयोजित यह स्मरणीय सांस्कृतिक संध्या आगामी सेना दिवस परेड 2026 के लिए उपयुक्त वातावरण तैयार करने में सफल रही तथा सैन्य परंपरा और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति के बीच अद्भुत सामंजस्य को प्रतिबिंबित करती है

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