Edited By Payal Choudhary, Updated: 18 Feb, 2026 04:25 PM

राजधानी जयपुर में बढ़ते वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए परिवहन विभाग ने सख्त कदम उठाया है। जयपुर में 15 साल से अधिक पुराने कमर्शियल वाहनों के खिलाफ 45 दिन का विशेष अभियान चलाया जाएगा। अभियान के दौरान ऐसे वाहनों को सड़क पर चलते पाए जाने पर तुरंत सीज...
राजधानी जयपुर में बढ़ते वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए परिवहन विभाग ने सख्त कदम उठाया है। जयपुर में 15 साल से अधिक पुराने कमर्शियल वाहनों के खिलाफ 45 दिन का विशेष अभियान चलाया जाएगा। अभियान के दौरान ऐसे वाहनों को सड़क पर चलते पाए जाने पर तुरंत सीज किया जाएगा।
एनजीटी के निर्देशों की सख्ती से पालना
जयपुर के नॉन-अटेनमेंट सिटी घोषित होने के बाद पुराने कमर्शियल वाहनों का संचालन पहले ही प्रतिबंधित है। इसके बावजूद लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई वाहन नियमों की अनदेखी कर शहर में संचालित हो रहे हैं।
आरटीओ प्रथम राजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) के स्पष्ट निर्देश हैं कि तय समयसीमा पूरी कर चुके कमर्शियल वाहनों को शहर में चलने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
45 दिन तक चलेगा विशेष अभियान
परिवहन विभाग की ओर से गठित टीमें शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में तैनात की जाएंगी। अभियान के दौरान:
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15 साल से अधिक पुराने कमर्शियल वाहन जब्त किए जाएंगे
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बिना वैध आरसी वाले वाहनों पर कार्रवाई होगी
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फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं होने पर चालान व सीज
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बिना परमिट संचालित वाहन भी जब्त किए जाएंगे
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एनजीटी नियमों के तहत जुर्माना लगाया जाएगा
प्रदूषण कम करना मुख्य उद्देश्य
विभाग का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि शहर में प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करना है। लगातार बढ़ते एयर पॉल्यूशन को देखते हुए पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को फेज आउट किया जा चुका है, लेकिन नियमों का उल्लंघन अब भी सामने आ रहा है।
परिवहन विभाग ने साफ किया है कि नियम तोड़ने वालों के खिलाफ किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी।