Edited By Anil Jangid, Updated: 28 Apr, 2026 07:52 PM

जयपुर। राजस्थान में सड़कों पर कुछ ऐसे ब्लैक स्पॉट हो सकते हैं जहां दुर्घटना होने का खतरा सबसे अधिक होता है। लेकिन अब चिंता करने की कोई बात नहीं क्योंकि पुलिस की ओर से जारी QR कोड से ब्लैक स्पॉट के बारे में जानकारी दी गई है, जिससे आपकी यात्रा...
जयपुर। राजस्थान में सड़कों पर कुछ ऐसे ब्लैक स्पॉट हो सकते हैं जहां दुर्घटना होने का खतरा सबसे अधिक होता है। लेकिन अब चिंता करने की कोई बात नहीं क्योंकि पुलिस की ओर से जारी QR कोड से ब्लैक स्पॉट के बारे में जानकारी दी गई है, जिससे आपकी यात्रा सुरक्षित हो। सड़क दुर्घटनाएं कम करने के उद्देश्य से जयपुर रेंज पुलिस ने मिशन सेफर रोड़ अभियान शुरू किया गया है। इस पहल के तहत सबसे पहले थाना स्तर पर सर्वे करवाकर कैटेगरी वाइज ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए गए हैं। आमजन की जानकारी के लिए QR Code जारी किया गया है।
सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और यात्रियों को सतर्क करने के लिए जयपुर रेंज पुलिस ने एक अभिनव कदम उठाया है। पुलिस ने दुर्घटना संभावित स्थलों की जानकारी देने वाला QR कोड जारी किया है। इस QR कोड को स्मार्टफोन से स्कैन करने पर गूगल आधारित मैप खुल जाएगा, जिसमें जयपुर रेंज के अंतर्गत आने वाले हाइवे और सड़कों पर स्थित खतरनाक स्थानों को साफ-साफ चिह्नित किया गया है।
जयपुर रेंज के आठ जिलों में कुल 121 दुर्घटना संभावित स्थल चिन्हित किए गए हैं। इनमें पिछले तीन वर्षों में 1 हजार 108 लोगों की जान जा चुकी है। इन स्पॉट्स को खतरे के स्तर के आधार पर A, B और C श्रेणी में बांटा गया है। विशेष टीमें इन स्थानों का अध्ययन कर सड़क सुधार, साइनेज लगाने, लाइटिंग व्यवस्था और अन्य सुरक्षा उपायों की योजना बना रही हैं।
यहां रहें सावधान
ये ब्लैक स्पॉट मुख्य रूप से नेशनल हाइवे जैसे NH-48, NH-12 आदि और महत्वपूर्ण स्टेट हाइवे पर स्थित हैं, जहां तेज रफ्तार, खराब मोड़, अनियंत्रित एक्सेस पॉइंट, इंटरसेक्शन या इंजीनियरिंग की कमी के कारण हादसे ज्यादा होते हैं। कुछ जिलों में NH-48 और जयपुर से जुड़े बाईपास, फ्लाईओवर तथा ग्रामीण सड़कों पर भी कई स्पॉट चिह्नित हैं।
QR कोड स्कैन करने पर यात्री अपने रूट के आसपास के ब्लैक स्पॉट्स की लाइव जानकारी, उनके कारण और सावधानियां देख सकेंगे। इससे ड्राइवर पहले से सतर्क हो सकेंगे और ओवरस्पीडिंग या लापरवाही से बच सकेंगे।