Edited By Anil Jangid, Updated: 18 Jul, 2026 06:25 PM

जयपुर। राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार को बड़ी वित्तीय सहायता मिली है। भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय ने जल जीवन मिशन 2.0 के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राजस्थान को 537.70 करोड़ रुपये की...
जयपुर। राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार को बड़ी वित्तीय सहायता मिली है। भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय ने जल जीवन मिशन 2.0 के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राजस्थान को 537.70 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता स्वीकृत की है। इस राशि से प्रदेश में चल रही ग्रामीण पेयजल योजनाओं, पाइपलाइन विस्तार और जल शुद्धिकरण परियोजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है।
राज्य सरकार के अनुसार, यह सहायता मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में केंद्र सरकार के साथ लगातार समन्वय का परिणाम है। सरकार का लक्ष्य दूर-दराज के गांवों और ढाणियों तक सुरक्षित पेयजल पहुंचाना तथा 'हर घर जल' अभियान को और प्रभावी बनाना है।
केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत यह राशि जल जीवन मिशन के पहले चरण की समाप्ति और दूसरे चरण के प्रारंभ के बीच की अंतरिम अवधि में राज्य सरकार द्वारा अपने संसाधनों से किए गए अतिरिक्त खर्च की प्रतिपूर्ति के रूप में दी जा रही है। इससे राज्य सरकार पर पड़े वित्तीय भार को कम करने में मदद मिलेगी और लंबित परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए संसाधन उपलब्ध होंगे।
सरकार की ओर से जारी विवरण के अनुसार, कुल 537.70 करोड़ रुपये की सहायता राशि को सामाजिक और क्षेत्रीय आवश्यकताओं के आधार पर तीन हिस्सों में विभाजित किया गया है।
सामान्य ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल अवसंरचना को मजबूत करने के लिए 307.45 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। अनुसूचित जाति (SC) बहुल ग्रामीण क्षेत्रों में पाइपलाइन नेटवर्क और जलापूर्ति व्यवस्था के विस्तार के लिए 177.73 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं अनुसूचित जनजाति (ST) क्षेत्रों, विशेषकर आदिवासी और पहाड़ी इलाकों में सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 52.52 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस वित्तीय सहायता से प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति परियोजनाओं के कार्यान्वयन में तेजी आएगी। इससे उन क्षेत्रों को भी लाभ मिलने की संभावना है, जहां अब तक पेयजल की उपलब्धता चुनौती बनी हुई है।
राज्य सरकार का कहना है कि इस राशि का उपयोग निर्धारित मानकों के अनुसार किया जाएगा, ताकि ग्रामीण परिवारों को स्वच्छ और नियमित पेयजल उपलब्ध कराया जा सके। जल जीवन मिशन के तहत चल रही परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन से ग्रामीण जीवन स्तर में सुधार, जलजनित बीमारियों में कमी और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को भी बल मिलने की उम्मीद है।