Edited By Anil Jangid, Updated: 10 Jul, 2026 03:00 PM

जयपुर। राजस्थान सरकार ने मेडिको-लीगल सेवाओं को अधिक पारदर्शी, वैज्ञानिक और न्यायिक रूप से प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश में पहली बार मेडिको-लीगल मैनुअल-2025 लागू किया है।
जयपुर। राजस्थान सरकार ने मेडिको-लीगल सेवाओं को अधिक पारदर्शी, वैज्ञानिक और न्यायिक रूप से प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश में पहली बार मेडिको-लीगल मैनुअल-2025 लागू किया है। इसके तहत अब सभी सरकारी चिकित्सालयों में मेडिको-लीगल केस (एमएलसी) और पोस्टमार्टम रिपोर्ट एक समान प्रारूप में तैयार की जाएंगी। साथ ही सभी रिपोर्ट निर्धारित पोर्टल पर ऑनलाइन तैयार करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
विभाग की ओर से जारी परिपत्र के अनुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) से लेकर जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों तक सभी सरकारी चिकित्सा संस्थानों को नए मैनुअल का पालन करना होगा। इसका उद्देश्य प्रदेशभर में मेडिको-लीगल कार्यों में एकरूपता लाना और रिपोर्टिंग प्रक्रिया को अधिक विश्वसनीय एवं विधिसम्मत बनाना है।
अब तक राजस्थान में मेडिको-लीगल मामलों के लिए कोई एकीकृत मैनुअल उपलब्ध नहीं था। अलग-अलग अस्पतालों में एमएलसी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार करने के अलग-अलग प्रारूप अपनाए जाते थे। कई मामलों में रिपोर्ट की तकनीकी कमियों या असमानताओं के कारण जांच और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका बनी रहती थी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद सभी अस्पताल एक ही मानक प्रारूप का उपयोग करेंगे, जिससे रिपोर्ट की गुणवत्ता और सटीकता में सुधार आने की उम्मीद है।
राज्य सरकार द्वारा गठित विशेषज्ञ समिति ने इस मैनुअल को तैयार करने से पहले करीब 11 महीने तक केंद्रीय और राज्य सरकार के आदेशों, न्यायालयों की टिप्पणियों, कानूनी प्रावधानों तथा व्यावहारिक अनुभवों का अध्ययन किया। इसके बाद तैयार प्रारूप का न्यायपालिका, पुलिस, अभियोजन विभाग और अन्य संबंधित पक्षों से परीक्षण एवं सत्यापन कराया गया। सभी सुझावों को शामिल करने के बाद मैनुअल को अंतिम रूप दिया गया।
यह मैनुअल राजस्थान उच्च न्यायालय के निर्देशों के साथ-साथ भारतीय न्याय संहिता-2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम-2023 के प्रभावी क्रियान्वयन को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। सरकार का मानना है कि इससे चिकित्सा विज्ञान और न्याय व्यवस्था के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा तथा जांच और अभियोजन प्रक्रिया अधिक मजबूत बनेगी।
वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. पी.सी. सैनी के अनुसार, मेडिको-लीगल मैनुअल-2025 लागू होने से प्रदेश के सभी सरकारी चिकित्सालयों में एमएलसी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट एक समान प्रारूप में तैयार की जाएगी। इससे रिपोर्ट पहले की तुलना में अधिक पारदर्शी, न्यायिक रूप से मजबूत, समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण होगी। साथ ही चिकित्सकों, पुलिस और पीड़ित पक्ष को रिपोर्ट तैयार करने और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान आने वाली कई व्यावहारिक परेशानियों से भी राहत मिलने की उम्मीद है।