राजस्थान में ड्राइविंग लाइसेंस के नियम बदले: ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों का सस्पेंड DL ट्रेनिंग के बाद ही होगा बहाल

Edited By Anil Jangid, Updated: 17 Jul, 2026 03:16 PM

rajasthan driving licence rule change

जयपुर। राजस्थान में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के लिए अब ड्राइविंग लाइसेंस बहाली की प्रक्रिया आसान नहीं होगी। सड़क हादसों में बढ़ती मौतों को देखते हुए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन से...

जयपुर। राजस्थान में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के लिए अब ड्राइविंग लाइसेंस बहाली की प्रक्रिया आसान नहीं होगी। सड़क हादसों में बढ़ती मौतों को देखते हुए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब गंभीर यातायात अपराधों के कारण निलंबित किया गया लाइसेंस तीन महीने की अवधि पूरी होने के बाद अपने आप सक्रिय नहीं होगा।

 

नई व्यवस्था के तहत निलंबित ड्राइविंग लाइसेंस को केंद्रीय पोर्टल सारथी पर ब्लैकलिस्ट रखा जाएगा। लाइसेंस दोबारा सक्रिय कराने के लिए वाहन चालक को पहले रिफ्रेशर ट्रेनिंग पूरी करनी होगी। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद प्राप्त प्रमाण पत्र को पोर्टल पर अपलोड करना होगा। इसके बाद परिवहन विभाग के अधिकारी दस्तावेजों और रिकॉर्ड का सत्यापन करेंगे। सभी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही लाइसेंस को दोबारा चालू किया जाएगा।

 

इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य नियम तोड़ने वाले चालकों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। सरकार का मानना है कि केवल जुर्माना लगाने या कुछ समय के लिए लाइसेंस निलंबित करने से आदतन नियम तोड़ने वाले चालकों के व्यवहार में पर्याप्त सुधार नहीं आता। प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें सुरक्षित वाहन संचालन और यातायात नियमों की जानकारी दी जाएगी।

 

रिफ्रेशर ट्रेनिंग में चालकों को तेज गति से वाहन चलाने, शराब पीकर ड्राइविंग करने, गलत दिशा में वाहन चलाने, हेलमेट और सीट बेल्ट के इस्तेमाल सहित अन्य सड़क सुरक्षा नियमों के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चालक दोबारा सड़क पर उतरने से पहले अपनी जिम्मेदारी को समझें।

 

हालांकि राजस्थान में इस नई व्यवस्था को लागू करने में एक बड़ी चुनौती सामने आ रही है। मोटर वाहन नियमों में रिफ्रेशर ट्रेनिंग का प्रावधान वर्ष 2021 में ही शामिल कर दिया गया था, लेकिन राज्य में अभी तक इसके लिए पर्याप्त अधिकृत प्रशिक्षण केंद्र विकसित नहीं किए गए हैं। पिछले पांच वर्षों में स्थायी प्रशिक्षण व्यवस्था नहीं बन पाने के कारण अब सस्पेंड लाइसेंस वाले चालकों की बहाली प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

 

परिवहन विभाग अब इस समस्या के समाधान के लिए वैकल्पिक व्यवस्था तैयार करने में जुट गया है। विभाग जल्द ही ऐसे अधिकृत प्रशिक्षण केंद्रों की पहचान करने की तैयारी कर रहा है, जहां वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा और जिम्मेदार ड्राइविंग का प्रशिक्षण दिया जा सके। इसके साथ ही प्रशिक्षण प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण व्यवस्था शुरू करने पर भी विचार किया जा रहा है।

 

परिवहन विभाग के आयुक्त पुरुषोत्तम शर्मा ने बताया कि सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रिफ्रेशर ट्रेनिंग की वैकल्पिक व्यवस्था शुरू करने की तैयारी चल रही है। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था का उद्देश्य चालकों को दंडित करना ही नहीं, बल्कि उनके व्यवहार में सुधार लाना और सड़क हादसों में कमी लाना है।

 

विशेषज्ञों के अनुसार, लाइसेंस निलंबन के बाद अनिवार्य प्रशिक्षण व्यवस्था लागू होने से सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति गंभीरता बढ़ सकती है। आने वाले समय में परिवहन विभाग द्वारा प्रशिक्षण केंद्रों और प्रक्रिया को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाने की संभावना है।

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