जयपुर में BJP का शक्ति प्रदर्शन, मदन राठौड़ ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर लगाए गंभीर आरोप

Edited By Kuldeep Kundara, Updated: 22 Jul, 2026 05:54 PM

madan rathore leveled serious allegations against rahul gandhi and the congress

नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा नई दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना देने, संसद की कार्यवाही बाधित करने तथा जंतर-मंतर पर हुई कथित पत्थरबाजी के विरोध में भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को जयपुर में प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन किया

जयपुर । नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा नई दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना देने, संसद की कार्यवाही बाधित करने तथा जंतर-मंतर पर हुई कथित पत्थरबाजी के विरोध में भारतीय जनता पार्टी ने बुधवार को जयपुर में प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन किया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ के नेतृत्व में भाजपा प्रदेश कार्यालय से कांग्रेस प्रदेश कार्यालय की ओर विशाल पैदल मार्च निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में मातृशक्ति, युवा, पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस और राहुल गांधी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।

भाजपा के विशाल विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि पेपर लीक के नाम पर विपक्ष द्वारा चलाया गया आंदोलन छात्रों का आंदोलन नहीं, बल्कि सुनियोजित राजनीतिक षड्यंत्र था। अस्पतालों में भर्ती घायल लोगों की जानकारी लेने पर उनमें कोई भी छात्र नहीं मिला। कांग्रेस ने पत्थरबाजी करने के लिए कश्मीर, बिहार से भाड़े के टट्टुओं को बुलाया गया ताकि संसद की कार्यवाही बाधित की जा सके। इतना ही नहीं,  आंदोलन में पाकिस्तान जिंदाबाद, अफजल के समर्थन में नारे, देश विरोधी नारे लगाए गए। धार्मिक स्थलों के विरोध में बोला गया। ऐसे में हम सभी को इस पूरे घटनाक्रम का सच जनता के सामने लाना आवश्यक है। राठौड़ ने कहा कि जयपुर में आयोजित विरोध प्रदर्शन कांग्रेस नेतृत्व को लोकतांत्रिक मर्यादाओं का स्मरण कराने के लिए सांकेतिक रूप से आयोजित किया गया। 

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी संवाद और चर्चा के माध्यम से समाधान में विश्वास रखती है, जबकि कांग्रेस और विपक्ष छात्रों के मुद्दों का राजनीतिक लाभ के लिए उपयोग कर लोकतांत्रिक संस्थाओं को बाधित करने का प्रयास कर रहे हैं। भाजपा संविधान, लोकतंत्र और संसदीय परंपराओं के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है तथा अराजक राजनीति का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देती रहेगी। जबकि प्रधानमंत्री आवास के बाहर नेता प्रतिपक्ष द्वारा धरना देना भारतीय संसदीय परंपराओं के विपरीत है और लोकतंत्र की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य है। आंदोलन के दौरान मीडिया की महिला कर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार, अश्लीलता की गई, जिसकी भाजपा घोर निंदा करती है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक विरोध के नाम पर इस प्रकार की अशोभनीय घटनाएं किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हो सकतीं।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि विपक्ष धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांग रहे है,उसके पीछे भी कारण है। जब से धर्मेंद्र प्रधान शिक्षा मंत्री बने, उन्होंने शिक्षा पद्धति में सुधार लाने का काम किया। हमारे महान व्यक्तित्व का सम्मान करने का काम किया। इस देश के महापुरुषों की जीवनी को पढ़ाने का काम किया। पहले हमारे देश में अकबर महान पढ़ाया जाता था, धर्मेन्द्र प्रधान ने नई शिक्षा नीति और शिक्षा व्यवस्था में भारतीय संस्कृति, इतिहास, महापुरुषों तथा लोकनायकों को उचित स्थान देने का कार्य किया गया है। उन्होंने महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी, तेजाजी महाराज,गुरु गोविंद सिंह, देवनारायण को पढ़ाने का काम किया है। ऐसे में उनको लगता है कि यह तो शिक्षा में आमूलचूल परिवर्तन कर देंगे। यहां सांस्कृतिक राष्ट्रवाद पैदा हो जाएगा। ऐसे में इसे हटाना बहुत जरूरी है और यह सोचकर विदेशों में धन एकत्रित किया गया। सच सबके सामने आ जाएगा। जांच हो रही है कि कहां से कितना पैसा मिला, कहां से पत्थर बाजों को लाया गया, यह सब सामने आ जाएगा। विपक्ष इसी कारण शिक्षा मंत्री को निशाना बना रहा है और उन्हें पद से हटाने की मांग कर रहा है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी संवाद और चर्चा के माध्यम से समाधान में विश्वास रखती है, जबकि कांग्रेस और विपक्ष छात्रों के मुद्दों का राजनीतिक लाभ के लिए उपयोग कर लोकतांत्रिक संस्थाओं को बाधित करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा संविधान, लोकतंत्र और संसदीय परंपराओं के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है तथा अराजक राजनीति का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देती रहेगी। संसद में चर्चा के लिए सरकार सदैव तैयार रही है, लेकिन विपक्ष ने संवाद के बजाय टकराव का रास्ता चुना। यह लोकतंत्र के प्रति उनकी असहिष्णु मानसिकता को दर्शाता है। 
राठौड़ ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को सोचना चाहिए कि जब वह मुख्यमंत्री थे तब 17 बार पेपरलीक हुआ, दो बार यूनिवर्सिटी के पेपर लीक हो गए। कुल मिलाकर जब 19 पेपरलीक हुए तो क्यों नहीं अशोक गहलोत ने इस्तीफा दिया। क्यों नहीं उस समय के शिक्षा मंत्री डोटासरा ने त्यागपत्र दिया। अब किस मुंह से इस्तीफा मांग रहे हैं, उन्हें विचार करना चाहिए और एक बार अपनी गिरेबां में झांकर देखना चाहिए। 

भाजपा के विरोध प्रदर्शन के बाद प्रदेश कार्यालय में भाजपा संगठन महामंत्री अजेय कुमार ने आमजन और ​कार्यकर्ताओं का धन्यवाद, आभार व्यक्त किया और कहा कि विपक्ष राजनीति चमकाने के लिए लोकतांत्रितक व्यवस्थाओं का उल्लंघन कर रहा है। 

विरोध प्रदर्शन में भाजपा प्रदेश संगठन महामंत्री अजेय कुमार, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी, डॉ. अरुण चतुर्वेदी, प्रदेश उपाध्यक्ष नाहर सिंह जोधा, प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बागड़ी, भूपेंद्र सैनी, मिथिलेश गौतम, प्रदेश मंत्री नारायण मीणा, डॉ अजीत मांडण, डॉ अपूर्वा सिंह, एकता अग्रवाल, सीताराम पोसवाल, भाजपा कार्यालय सचिव मुकेश पारीक, विधायक कालीचरण सराफ, गोपाल शर्मा, कैलाश वर्मा, पूर्व सांसद रामचरण बोहरा, मुख्य प्रवक्ता रामलाल शर्मा, महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष राखी राठौड़, युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष शंकर गोरा, ओबीसी मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र कुमावत, अल्पसंख्यक मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष हमीद खान मेवाती सहित जिला अध्यक्ष, जिला पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!