Edited By Kuldeep Kundara, Updated: 12 Jul, 2026 06:46 PM

सांगानेर और बगरू विधानसभा क्षेत्र की नियमन से वंचित 86 कॉलोनियों के प्रतिनिधियों ने नियमन हेतु संघर्ष समिति के नेतृत्व में बैठक आयोजित कर निकाय चुनावों के बहिष्कार का ऐलान किया है।
जयपुर । सांगानेर और बगरू विधानसभा क्षेत्र की नियमन से वंचित 86 कॉलोनियों के प्रतिनिधियों ने नियमन हेतु संघर्ष समिति के नेतृत्व में बैठक आयोजित कर निकाय चुनावों के बहिष्कार का ऐलान किया है। समिति ने स्पष्ट किया कि यदि कॉलोनियों के नियमन की मांग पूरी नहीं हुई तो "नियमन नहीं तो वोट नहीं" अभियान चलाया जाएगा।
संघर्ष समिति के अनुसार बैठक में 86 कॉलोनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और आरोप लगाया कि वर्षों से चली आ रही उनकी समस्याओं पर न तो जनप्रतिनिधियों ने ध्यान दिया और न ही सरकार ने कोई ठोस कदम उठाया। समिति का कहना है कि न्यायालय से भी अब तक आम नागरिकों के पक्ष में कोई सकारात्मक समाधान नहीं निकल पाया है, जिससे लोगों में निराशा और आक्रोश बढ़ रहा है।
समिति ने बताया कि ये कॉलोनियां पिछले 40 से 50 वर्षों से बसी हुई हैं और सरकार द्वारा पंजीकृत गृह निर्माण सहकारी समितियों के माध्यम से विकसित की गई थीं। अधिकांश कॉलोनियों में 80 से 90 प्रतिशत तक मकान बने हुए हैं, जबकि सरकार की ओर से सीवर लाइन, सड़क, बिजली और बीसलपुर पेयजल पाइपलाइन जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा चुकी हैं। इसके बावजूद इन कॉलोनियों का नियमन अब तक नहीं हो पाया है।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अब आंदोलन को निर्णायक चरण में ले जाया जाएगा। इसके तहत आगामी निकाय चुनावों में मतदान का बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया।
इसके अलावा समिति ने जल्द ही सभी 86 कॉलोनियों की महापंचायत आयोजित कर बड़े जनआंदोलन की घोषणा करने का भी फैसला लिया है। समिति का कहना है कि यदि सरकार ने समय रहते उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
प्रमुख बिंदु
सांगानेर और बगरू की 86 कॉलोनियों के प्रतिनिधियों की बैठक।
"नियमन नहीं तो वोट नहीं" के नारे के साथ निकाय चुनाव बहिष्कार का फैसला।
कॉलोनियों के 40–50 वर्ष पुराने होने और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होने का दावा।
जल्द महापंचायत बुलाकर बड़े जनआंदोलन की घोषणा करने का निर्णय।