Edited By Anil Jangid, Updated: 19 Sep, 2026 02:45 PM

जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में नगर निगम के नए महापौर पद के लिए भारतीय जनता पार्टी के वार्ड नंबर 112 से नवनिर्वाचित पार्षद सुनील कोठारी ने अपना पर्चा भरा है।
जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में नगर निगम के नए महापौर पद के लिए भारतीय जनता पार्टी के वार्ड नंबर 112 से नवनिर्वाचित पार्षद सुनील कोठारी ने अपना पर्चा भरा है। करीब तीन दशकों से पार्टी से जुड़े रहने वाले वैश्य (जैन) समाज के प्रतिनिधि और जाने-माने ज्वेलर सुनील कोठारी को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का बेहद करीबी माना जाता है, जिससे जयपुर की मेयर सीट पर उनकी दावेदारी सबसे मजबूत मानी जा रही है।
आपको बता दें कि हाल ही में संपन्न हुए जयपुर निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने अपनी निवर्तमान मेयर कुसुम यादव का टिकट काटकर परकोटा क्षेत्र के किशनपोल विधानसभा अंतर्गत आने वाले वार्ड 112 से सुनील कोठारी को मैदान में उतारा था। कोठारी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के आशीष शर्मा को 905 वोटों के बड़े अंतर से हराकर अपनी साख साबित की थी। इस जीत के साथ ही वे मेयर पद के सबसे प्रबल दावेदार बन गए थे।
सुनील कोठारी का राजस्थान और जयपुर भाजपा के संगठन में लंबा अनुभव रहा है। वे पिछले 30 वर्षों से पार्टी की निस्वार्थ सेवा कर रहे हैं। पूर्व में वे भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष और जयपुर शहर भाजपा अध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी सफलतापूर्वक संभाल चुके हैं। संगठन में गहरी पकड़ के साथ-साथ राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और शीर्ष प्रदेश नेतृत्व के साथ उनके मजबूत रिश्तों को भी उनकी दावेदारी के पक्ष में मुख्य वजह माना जा रहा है।
सुनील कोठारी जयपुर के जाने-माने और प्रतिष्ठित कारोबारी भी हैं। वे 'कोठारी जेम्स एंड ज्वेलरी' ग्रुप के मालिक हैं और उनका जेम्स एंड ज्वेलरी का व्यापार देश के साथ-साथ विदेशों में भी फैला हुआ है। चुनावी हलफनामे के मुताबिक, उनके पास कुल 35.87 करोड़ रुपए की चल-अचल संपत्ति है, जिससे वे इस बार जयपुर नगर निगम चुनाव में जीत दर्ज करने वाले सबसे अमीर पार्षद भी हैं। जयपुर और मुंबई जैसे महानगरों में उनकी व्यावसायिक संपत्तियां स्थित हैं।
हालांकि, 150 सीटों वाली जयपुर नगर निगम में 78 वार्डों पर जीत दर्ज कर भारतीय जनता पार्टी ने भले ही स्पष्ट बहुमत का आंकड़ा हासिल कर लिया हो, लेकिन कांग्रेस पार्टी ने महापौर पद के लिए अपने उम्मीदवार उतारने की आखिरी दौर की कसरत तेज कर दी। इस पूरे सियासी घटनाक्रम में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब वार्ड 110 से पहली बार पार्षद चुनी गईं सुनीता मेठी अचानक जयपुर नगर निगम मुख्यालय पहुंचीं और महापौर पद के लिए अपना नामांकन फॉर्म लिया।