Edited By Anil Jangid, Updated: 03 Feb, 2026 02:23 PM

जयपुर। राजस्थान में पंचायत चुनावों को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग और सरकार के बीच समन्वय के साथ चुनावी प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार मार्च के पहले सप्ताह में पंचायत...
जयपुर। राजस्थान में पंचायत चुनावों को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग और सरकार के बीच समन्वय के साथ चुनावी प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार मार्च के पहले सप्ताह में पंचायत चुनावों की अधिसूचना जारी होने की संभावना है। इसके साथ ही आरक्षण लागू करने और सीटों की लॉटरी प्रक्रिया भी इसी महीने पूरी कर ली जाएगी।
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार पहले चरण में प्रदेश की 14,600 से अधिक ग्राम पंचायतों में चुनाव कराए जाएंगे। इसके बाद पंचायत समितियों और जिला परिषदों के चुनाव संपन्न होंगे। आयोग स्तर पर मतदाता सूचियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। यूनिट वाइज वोटर लिस्ट तैयार हो चुकी है और आमजन से आपत्तियां भी आमंत्रित की गई हैं, जिनके निस्तारण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
ओबीसी आयोग की रिपोर्ट आने के बाद सात दिनों के भीतर आरक्षण का फॉर्मूला लागू किया जाएगा। इसके तुरंत बाद सरपंच, वार्ड पंच और जिला प्रमुख पदों के लिए आरक्षित सीटों की लॉटरी प्रक्रिया शुरू होगी। प्रशासन का प्रयास है कि यह पूरी प्रक्रिया मार्च महीने में पूरी हो जाए ताकि समय पर चुनाव कराए जा सकें।
वहीं, प्रदेश की 12 जिला परिषदों और उनसे जुड़ी पंचायत समितियों के कार्यकाल को लेकर सरकार को बड़ा निर्णय लेना है। इनका कार्यकाल सितंबर से दिसंबर के बीच समाप्त हो रहा है। सरकार के पास कार्यकाल समाप्त होने से छह माह पहले ही बोर्ड को भंग करने का अधिकार है। इसके अलावा हाल ही में गठित नई ग्राम पंचायतों में चुनाव को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है, हालांकि निर्वाचन आयोग ने वहां मतदाता सूचियां तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इससे संकेत मिल रहे हैं कि सरकार पंचायत चुनावों को लेकर पूरी तरह सक्रिय है।