Edited By Anil Jangid, Updated: 19 Jan, 2026 06:54 PM

जयपुर। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ एकीकृत की एक दिवसीय प्रदेश स्तरीय बैठक जयपुर में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। महासंघ के संयुक्त मंत्री हरिश्चंद्र प्रजापति ने बताया कि बैठक में विभिन्न विभागों के 52 संगठनों के प्रतिनिधियों एवं महासंघ...
जयपुर। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ एकीकृत की एक दिवसीय प्रदेश स्तरीय बैठक जयपुर में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। महासंघ के संयुक्त मंत्री हरिश्चंद्र प्रजापति ने बताया कि बैठक में विभिन्न विभागों के 52 संगठनों के प्रतिनिधियों एवं महासंघ एकीकृत के 41 जिला अध्यक्षों ने भाग लिया। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष केसर सिंह चंपावत ने की। विशेष अतिथि के रूप में प्रदेश संरक्षक गजेंद्र सिंह राठौड़, प्रदेश महामंत्री जागेश्वर शर्मा, प्रदेश सचिव बजरंग कुमार सोनी एवं रमेश आचार्य उपस्थित रहे।
बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष केसर सिंह चंपावत ने सभी विभागीय संगठनों के मांग पत्रों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने नववर्ष 2026 की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि संगठन का लक्ष्य कर्मचारी हितों की रक्षा करना है। दूर-दराज क्षेत्रों में कार्यरत कार्मिकों की पीड़ा को संगठन अपनी पीड़ा मानता है। कर्मचारी पूरी निष्ठा और ईमानदारी से सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाते हैं, ऐसे में सरकार का भी दायित्व है कि वह कर्मचारी हितों पर गंभीरता से ध्यान दे।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि संगठन हमेशा कर्मचारियों और सरकार के बीच सेतु बनकर कार्य करता रहा है और आगे भी पूरी दृढ़ता के साथ कर्मचारियों की मांगों को सरकार के समक्ष रखकर समाधान करवाने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा। बैठक में मिले सुझावों के आधार पर एक संयुक्त मांग पत्र तैयार किया गया, जिसे शीघ्र ही सरकार को सौंपा जाएगा।
बैठक में प्रमुख मांगों में चार एसीपी (8, 16, 24 व 32 वर्ष), वेतन विसंगतियों का निवारण, संविदा व पैरा कर्मियों का नियमितीकरण, पेंशन योग्य सेवा 20 वर्ष करने, पारदर्शी स्थानांतरण नीति, पदोन्नतियों में तेजी, शिक्षा व चिकित्सा विभाग में रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती, कंप्यूटर अनुदेशकों को शिक्षक के समान वेतनमान तथा सरकारी संस्थाओं के निजीकरण पर रोक जैसी मांगें शामिल हैं।
प्रदेश महामंत्री जागेश्वर शर्मा ने कहा कि संगठन राष्ट्रहित में कार्य करेगा और कर्मचारियों के अधिकारों के लिए पूरी मजबूती से संघर्ष करेगा। वहीं प्रदेश संरक्षक गजेंद्र सिंह राठौड़ ने संगठन को आर्थिक रूप से मजबूत करने और वर्ष में दो बार प्रदेश स्तरीय बैठक आयोजित करने का सुझाव दिया। बैठक में राजस्थान विशेष शिक्षक संघ को महासंघ की संबद्धता भी प्रदान की गई।