Edited By LUCKY SHARMA, Updated: 04 Aug, 2026 07:09 PM

30 सितंबर तक ग्रामीण क्षेत्रों के लिए तैयार होगा पॉलिसी ड्राफ्ट, निर्माण से लेकर बिक्री और उपयोग पर प्रभावी रोक की तैयारी
जयपुर। शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने सिंगल यूज़ प्लास्टिक के खिलाफ राजस्थान में सख्त कार्रवाई और व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर्यावरण, पशुधन और मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है। इसके प्रभावी नियंत्रण के लिए सभी संबंधित विभागों को मिलकर प्लास्टिक मुक्त राजस्थान के लक्ष्य की दिशा में ठोस और परिणाममुखी प्रयास करने होंगे।
मदन दिलावर ने मंगलवार को शासन सचिवालय स्थित पंचायती राज विभाग के सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को ये निर्देश दिए। बैठक में पंचायती राज राज्य मंत्री ओटाराम देवासी भी मौजूद रहे।
30 सितंबर तक तैयार होगा पॉलिसी ड्राफ्ट
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में सिंगल यूज़ प्लास्टिक के इस्तेमाल पर प्रभावी रोक लगाने के लिए 30 सितंबर तक पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित नीति प्लास्टिक पर प्रभावी नियंत्रण के साथ-साथ पर्यावरण अनुकूल विकल्पों को बढ़ावा देने की दीर्घकालिक कार्ययोजना का आधार बनेगी।
15 अगस्त से चलेगा विशेष अभियान
मदन दिलावर ने कहा कि 15 अगस्त से प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में सिंगल यूज़ प्लास्टिक के निर्माण, भंडारण, बिक्री और उपयोग पर प्रभावी रोक सुनिश्चित करने के लिए विशेष जनजागरूकता एवं प्रवर्तन अभियान चलाया जाए।
इस अभियान में पंचायती राज संस्थाओं, ग्राम पंचायतों और संबंधित विभागों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जनसहभागिता के जरिए इसे जन आंदोलन का स्वरूप दिया जा सके।
नियमों के तहत सख्त कार्रवाई के निर्देश
मंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के लिए नई पॉलिसी तैयार होने तक मौजूदा नियमों और कानूनी प्रावधानों के तहत सिंगल यूज़ प्लास्टिक के निर्माण, भंडारण, परिवहन, बिक्री और उपयोग के खिलाफ नियमित निरीक्षण कर प्रभावी कार्रवाई की जाए।
साथ ही सभी सरकारी विभागों और कार्यालयों में सिंगल यूज़ प्लास्टिक के इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध लागू करने के लिए आवश्यक आदेश जारी करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालय स्वयं प्लास्टिक मुक्त कार्यसंस्कृति अपनाकर समाज के सामने उदाहरण पेश करें।
कपड़े और जूट के विकल्प अपनाने की अपील
मदन दिलावर ने कहा कि सिंगल यूज़ प्लास्टिक के दुष्प्रभावों को लेकर आमजन को जागरूक करना भी बेहद जरूरी है। इसके लिए ग्राम पंचायतों, स्थानीय निकायों, विद्यालयों, स्वयंसेवी संस्थाओं और संबंधित विभागों के सहयोग से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए।
इस अभियान के माध्यम से लोगों को कपड़े, जूट और अन्य पर्यावरण अनुकूल विकल्पों को अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
बैठक में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की निदेशक सलोनी खेमका सहित स्वायत्त शासन विभाग, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, उद्योग विभाग, परिवहन विभाग के अधिकारी और यूनिसेफ के प्रतिनिधि मौजूद रहे।