Edited By LUCKY SHARMA, Updated: 03 Aug, 2026 01:58 PM

जनगणना कार्य निदेशालय के दौरे पर मुख्य सचिव ने सांख्यिकीय टीम की सराहना की, फरवरी 2027 में प्रस्तावित दूसरे चरण की तैयारियों और डिजिटल-भू-स्थानिक तकनीकों के उपयोग पर दिया जोर।
जयपुर | राजस्थान में जनगणना-2027 के पहले चरण के तहत मकान सूचीकरण एवं हाउसिंग सेंसस (House Listing and Housing Census) का कार्य सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। सोमवार को मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने जनगणना कार्य निदेशालय का दौरा कर पहले चरण की प्रगति, निदेशालय की विभिन्न गतिविधियों और आगामी तैयारियों की समीक्षा की।
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने सांख्यिकीय टीम के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में उनकी भूमिका राज्य और देश के विकास के लिए अत्यंत अहम है।
पहला चरण पूरा, अब दूसरे चरण की तैयारी तेज
मुख्य सचिव ने बताया कि जनगणना-2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण और हाउसिंग सेंसस का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो चुका है। अब निदेशालय फरवरी 2027 में प्रस्तावित जनगणना के दूसरे चरण की तैयारियों में जुट गया है। इसके लिए प्रशासनिक और लॉजिस्टिक व्यवस्थाओं को तेजी से अंतिम रूप दिया जा रहा है।
सटीक आंकड़े ही नीति निर्माण की आधारशिला
वी. श्रीनिवास ने कहा कि हाल ही में राष्ट्रीय डेमोग्राफिक चेंज कमेटी के साथ हुई चर्चा में सांख्यिकीय आंकड़ों को नियमित रूप से अद्यतन रखने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया।
उन्होंने कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण, कृषि और जनसंख्या से जुड़े सटीक आंकड़े पारदर्शी, प्रभावी और भविष्य उन्मुख नीति निर्माण की आधारशिला हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मजबूत सांख्यिकीय डेटा प्रणाली और नियमित प्रकाशनों के कारण राजस्थान देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है।
जिला जनगणना हस्तपुस्तिका और प्रशासनिक एटलस होंगे अपडेट
बैठक में जिला जनगणना हस्तपुस्तिका और प्रशासनिक एटलस को शीघ्र अद्यतन करने पर भी जोर दिया गया। राज्य में जिलों, तहसीलों और उपखंडों की संख्या बढ़ने के बाद इन दस्तावेजों की उपयोगिता और अधिक बढ़ गई है।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि डिजिटल तकनीक और भू-स्थानिक (Geospatial) उपकरणों का अधिकतम उपयोग कर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित किया जाए।
17 अगस्त से पहले होगी विशेष कार्यशाला
बैठक के समापन पर मुख्य सचिव ने सभी सांख्यिकीय अधिकारियों और अन्वेषकों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि जनगणना से जनकल्याण के लक्ष्य को साकार करने में सांख्यिकी संवर्ग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने बताया कि 17 अगस्त से पहले भू-स्थानिक और डिजिटल टूल्स के उपयोग पर एक विस्तृत कार्यशाला आयोजित की जाएगी, ताकि आगामी जनगणना कार्य और अधिक प्रभावी तरीके से संचालित किया जा सके।
पौधारोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
दौरे के दौरान मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने जनगणना कार्य निदेशालय परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
बैठक में सांख्यिकी विभाग के शासन सचिव डॉ. रवि कुमार सुरपुर, जनगणना कार्य निदेशालय के निदेशक बिष्णु चरण मल्लिक सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और सांख्यिकीय अन्वेषक मौजूद रहे।