साल में 17 पेपर लीक और 34 अभ्यर्थियों ने गंवाई जान, BJP ने कांग्रेस को उसके ही जाल में ऐसे उलझाया

Edited By Anil Jangid, Updated: 25 Jul, 2026 11:28 AM

bjp targets congress over rajasthan paper leaks

जयपुर: देशभर में नीट समेत विभिन्न परीक्षाओं के पेपर लीक मामलों को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी विरोध प्रदर्शन के बीच राजस्थान में इस मुद्दे पर सियासत तेज हो गई है। भाजपा ने पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुए कथित पेपर लीक मामलों और...

जयपुर: देशभर में नीट समेत विभिन्न परीक्षाओं के पेपर लीक मामलों को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी विरोध प्रदर्शन के बीच राजस्थान में इस मुद्दे पर सियासत तेज हो गई है। भाजपा ने पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुए कथित पेपर लीक मामलों और अभ्यर्थियों की आत्महत्याओं का हवाला देते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। वहीं कांग्रेस लगातार केंद्र सरकार को नीट समेत अन्य परीक्षा विवादों को लेकर घेर रही है।

 

पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि आज कांग्रेस विद्यार्थियों के नाम पर सहानुभूति बटोरने की कोशिश कर रही है, जबकि उसके शासनकाल में राजस्थान में 17 भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक हुए और 34 से अधिक अभ्यर्थियों ने कथित रूप से आत्महत्या की। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय कांग्रेस नेताओं ने न तो छात्रों की पीड़ा को गंभीरता से लिया और न ही उनके परिवारों की चिंता की।

 

राठौड़ ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष एवं पूर्व शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा का नाम लेते हुए कहा कि कांग्रेस अब राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रही है। उनका दावा था कि कांग्रेस सरकार के दौरान सबसे अधिक पेपर लीक की घटनाएं हुईं और उस समय शिक्षा विभाग पर भी कई सवाल उठे। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले लगभग तीन वर्षों में कांग्रेस राजस्थान में कोई बड़ा जनआंदोलन खड़ा नहीं कर सकी और अब छात्रों को गुमराह करने का प्रयास कर रही है। राठौड़ ने यह भी दावा किया कि कांग्रेस शासनकाल में राजस्थान की बेरोजगारी दर देश में दूसरे स्थान पर थी।

 

उधर, राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि नीट पेपर लीक मामले के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राजस्थान पहले भी कई पेपर लीक मामलों का सामना कर चुका है। उन्होंने पूर्व शिक्षा मंत्री के रीट पेपर लीक मामले में दिए गए बयान का भी उल्लेख करते हुए कांग्रेस सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए।

 

दिलावर ने जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन में शामिल सभी लोग वास्तविक नीट अभ्यर्थी नहीं थे और कुछ असामाजिक तत्वों ने आंदोलन की छवि खराब करने की कोशिश की। उनके अनुसार धरने में लगाए गए कुछ नारे और इस्तेमाल की गई भाषा विद्यार्थियों की नहीं हो सकती।

 

इसी मुद्दे पर राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने भी कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली को लेकर सवाल उठाने वाली कांग्रेस को पहले अपने शासनकाल की घटनाओं का जवाब देना चाहिए। उनके अनुसार कांग्रेस सरकार के दौरान पेपर लीक की घटनाओं ने युवाओं का भविष्य प्रभावित किया और अब वही पार्टी नैतिकता की बात कर रही है।

 

फिलहाल पेपर लीक का मुद्दा राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है। भाजपा और कांग्रेस दोनों एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। इन आरोपों और दावों पर कांग्रेस की ओर से क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया आती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है। साथ ही, विभिन्न पेपर लीक मामलों की जांच और न्यायिक प्रक्रिया भी अलग-अलग स्तर पर जारी है।

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