Edited By Anil Jangid, Updated: 12 Jan, 2026 05:30 PM

जयपुर। साहित्य प्रेमियों के लिए उत्साहजनक खबर है कि इस साल के जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (JLF) 2026 में लेखक कार्तिकेय वाजपेयी अपनी पहली कृति 'द अनबिकमिंग' पेश करेंगे। यह सत्र वाजपेयी की JLF में पहली उपस्थिति होगी, जिसमें उनका उपन्यास अंतरराष्ट्रीय...
जयपुर। साहित्य प्रेमियों के लिए उत्साहजनक खबर है कि इस साल के जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल (JLF) 2026 में लेखक कार्तिकेय वाजपेयी अपनी पहली कृति 'द अनबिकमिंग' पेश करेंगे। यह सत्र वाजपेयी की JLF में पहली उपस्थिति होगी, जिसमें उनका उपन्यास अंतरराष्ट्रीय पाठकों, लेखक और विचारकों के सामने औपचारिक रूप से प्रस्तुत किया जाएगा।
इस सत्र में वरिष्ठ पत्रकार संजय पुगलिया भाग लेंगे और पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया की प्रकाशन निदेशक मिली ऐश्वर्या इसका संचालन करेंगी।
'द अनबिकमिंग' की विशेषता इसकी आत्ममंथनकारी शैली और दार्शनिक दृष्टि है। उपन्यास पहचान, महत्वाकांक्षा और आत्मिक स्पष्टता जैसे विषयों की खोज करता है। महामहिम दलाई लामा की प्रस्तावना से सुसज्जित यह कृति ध्यान, खेल और आत्म चिंतन की लंबी साधना का परिणाम है।
पुस्तक की कहानी में सिद्धार्थ नामक एक प्रसिद्ध क्रिकेटर और उनके गुरु अजय के बीच विकसित होने वाले रिश्तों को उजागर किया गया है। यह कथा बाहरी सफलता और आंतरिक संतोष के बीच के तनाव को प्रदर्शित करती है और आधुनिक जीवन में स्थिरता और जागरुकता की भूमिका पर विचार करती है।
कार्तिकेय वाजपेयी ने कहा, “'द अनबिकमिंग' एक लंबी आत्म-परीक्षा और ध्यान की यात्रा से उपजा है। इसे JLF में प्रस्तुत करना ऐसा है मानो यह पुस्तक अपने स्वाभाविक पाठकों के बीच लौट आई हो। मैं उत्सुक हूँ कि पाठक इस यात्रा में मेरे साथ जुड़ें।”
दिल्ली स्थित वकील, पूर्व राज्य स्तरीय क्रिकेटर और ध्यान साधना के अनुभवी अभ्यासकर्ता वाजपेयी की यह पहली कृति आत्म-चिंतन और जागरुकता पर केंद्रित नए साहित्यिक स्वर की शुरुआत मानी जा रही है। यह सत्र श्रोताओं को उपलब्धि और और अधिक बनने की दौड़ पर रुककर आत्म मूल्यांकन करने का आमंत्रण देगा।