जयपुर में 29 महीने से ठप पड़ा गणगौरी हॉस्पिटल प्रोजेक्ट, आदेश का इंतजार; 52 करोड़ की लागत बढ़ी, मरीजों को नई सुविधाओं से वंचित!

Edited By Payal Choudhary, Updated: 19 Feb, 2026 05:17 PM

gangauri hospital jaipur project stalled 29 months

जयपुर। शहर के बीचों-बीच गणगौरी बाजार स्थित सरकारी अस्पताल की नई जी+3 बिल्डिंग का काम पिछले 29 महीनों से बंद पड़ा है। स्थानीय विधायक के हस्तक्षेप के बाद रुका निर्माण अब तक दोबारा शुरू नहीं हो सका है। इस बीच लागत बढ़ने के साथ-साथ मरीजों को मिलने वाली...

शहर के बीचों-बीच गणगौरी बाजार स्थित सरकारी अस्पताल की नई जी+3 बिल्डिंग का काम पिछले 29 महीनों से बंद पड़ा है। स्थानीय विधायक के हस्तक्षेप के बाद रुका निर्माण अब तक दोबारा शुरू नहीं हो सका है। इस बीच लागत बढ़ने के साथ-साथ मरीजों को मिलने वाली प्रस्तावित आधुनिक सुविधाएं भी अधर में लटक गई हैं।

दिसंबर 2023 तक पूरा होना था काम

Jaipur Smart City Limited ने अक्टूबर 2021 में करीब 52 करोड़ रुपए की लागत से इस परियोजना की शुरुआत की थी। लक्ष्य था कि दिसंबर 2023 तक भवन बनकर तैयार हो जाए।

नई सरकार बनने के बाद स्थानीय विधायक Balmukundacharya ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए काम रुकवा दिया। जांच के लिए पीडब्ल्यूडी इंजीनियरों की कमेटी बनाई गई। कमेटी की रिपोर्ट में खामियां दूर कर काम आगे बढ़ाने की सिफारिश की गई, लेकिन जमीनी स्तर पर निर्माण दोबारा शुरू नहीं हुआ।

खेल अधिकारी के पत्र से भी अटका मामला

विधायक के हस्तक्षेप के बाद Chaugan Stadium के खेल अधिकारी ने भी निर्माणाधीन अस्पताल के नए गेट पर आपत्ति दर्ज कराई। गेट स्टेडियम की ओर खुलने पर आपत्ति जताते हुए सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला दिया गया। इसके बाद से फिनिशिंग का कार्य पूरी तरह ठप है।

हालांकि भवन का स्ट्रक्चर लगभग तैयार हो चुका है, लेकिन अंदरूनी और अंतिम चरण के कार्य पिछले दो साल से रुके पड़े हैं।

286 नए बेड और आधुनिक जांच सुविधा प्रस्तावित

इस नई बिल्डिंग में 286 अतिरिक्त बेड लगाने की योजना है। साथ ही जनरल मेडिसिन, सर्जरी, गायनी समेत कई विभागों की नई यूनिट शुरू की जानी थी। यहां सीटी स्कैन और एमआरआई जैसी उन्नत जांच सुविधाएं भी शुरू करने का प्रस्ताव है।

परियोजना ठप रहने से मरीजों को इन सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है, जबकि शहर में स्वास्थ्य सेवाओं पर पहले ही दबाव है।

‘आदेश मिलेगा तो काम शुरू करेंगे’

विधायक बालमुकुंदाचार्य का कहना है कि पीडब्ल्यूडी की रिपोर्ट के अनुसार खामियां दूर कर गुणवत्ता के आधार पर काम शुरू किया जाए, उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। वहीं स्मार्ट सिटी के अधिशाषी अभियंता और प्रोजेक्ट इंचार्ज नरेंद्र गुप्ता का कहना है कि विधायक के आदेश मिलते ही निर्माण कार्य दोबारा शुरू कर दिया जाएगा।

फिलहाल 52 करोड़ की लागत वाला यह प्रोजेक्ट राजनीतिक और प्रशासनिक समन्वय के अभाव में अधर में है, जबकि मरीज आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का इंतजार कर रहे हैं।

 

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