जयपुर में 78वां सेना दिवस: शौर्य, परंपरा और अत्याधुनिक तकनीक का भव्य संगम

Edited By Anil Jangid, Updated: 15 Jan, 2026 03:17 PM

78th army day in jaipur grand display of valor

जयपुर। भारतीय सेना ने गुरुवार को जयपुर में 78वां सेना दिवस बड़े गौरव और अनुशासन के साथ मनाया। यह चौथी बार है जब सेना दिवस परेड दिल्ली के बाहर आयोजित हुई, और पहली बार किसी असैन्य क्षेत्र में इसका भव्य आयोजन किया गया। राजस्थान को इस ऐतिहासिक आयोजन की...

जयपुर। भारतीय सेना ने गुरुवार को जयपुर में 78वां सेना दिवस बड़े गौरव और अनुशासन के साथ मनाया। यह चौथी बार है जब सेना दिवस परेड दिल्ली के बाहर आयोजित हुई, और पहली बार किसी असैन्य क्षेत्र में इसका भव्य आयोजन किया गया। राजस्थान को इस ऐतिहासिक आयोजन की मेजबानी का गौरव प्राप्त हुआ।

सैन्य परंपरा और शौर्य का प्रदर्शन

राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागडे, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, मिजोरम के राज्यपाल जनरल (रि.) वीके सिंह, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, सप्तशक्ति कमान के सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनजिंदर सिंह सहित अनेक सैन्य और नागरिक गणमान्यजन उपस्थित रहे। थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने परेड का निरीक्षण कर सलामी ली।

इस वर्ष की थीम थी ‘भारतीय सेना – शौर्य और बलिदान’, जिसके तहत सेना ने स्वदेशी हथियार, आधुनिक आयुध और उभरती तकनीक का प्रदर्शन किया। परेड में परमवीर चक्र, अशोक चक्र, महावीर चक्र, कीर्ति चक्र और वीर चक्र विजेता विशेष मेहमान रहे।

अत्याधुनिक सैन्य प्रणालियों का प्रदर्शन

परेड में शामिल रहे स्वदेशी ब्रह्मोस मिसाइल, भीष्म और अर्जुन टैंक, के-9 वज्र तोप, बीएमपी वाहन, 155 एमएम अमोघ, नामिस (नाग मिसाइल सिस्टम), पिनाका रॉकेट लॉन्चर, शिल्का हथियार प्रणाली, ड्रोन शक्ति और इलेक्ट्रिक ऑल-टेरेन व्हीकल ने सभी का ध्यान खींचा। नव गठित भैरव बटालियन सहित 7 रेजीमेंट की टुकड़ियों ने मार्च पास्ट किया।

इसके अलावा रोबोटिक म्यूल, स्वाथी वेपन लोकेटिंग राडार, मॉड्युलर ब्रिजिंग सिस्टम, मल्टी बैरल रॉकेट सिस्टम, वाहन आधारित इन्फेंट्री मोर्टार सिस्टम, ड्रोन जैमर सिस्टम, मोबाइल कम्युनिकेशन नोड और अजय केतु ऑल-टेरेन व्हीकल जैसे अभिनव उपकरणों का प्रदर्शन हुआ। भारतीय सेना और नेपाल आर्मी बैंड की भागीदारी ने दोनों देशों के सैन्य संबंधों को रेखांकित किया।

वीर शूरवीरों को मरणोपरांत सम्मान

परेड से पहले ऑपरेशन ‘सिंदूर’ और अन्य अभियानों में अदम्य साहस दिखाने वाले सूबेदार मेजर पवन कुमार, हवलदार सुनील कुमार सिंह, लांस नायक दिनेश कुमार, लांस नायक सुभाष कुमार और लांस नायक प्रदीप कुमार को मरणोपरांत सेना मेडल (गैलेंट्री) से सम्मानित किया गया।

राजस्थानी संस्कृति का जीवंत प्रदर्शन

सेना की परेड में भरतपुर की फूलों की होली, कच्छी घोड़ी, दंगल, गैर और कालबेलिया नृत्य ने आयोजन को सांस्कृतिक रंग प्रदान किया। तीन चेतक हेलीकॉप्टरों ने तिरंगा और संयुक्त सेनाध्वज के साथ पुष्प वर्षा की। अपाचे और अन्य हैलीकॉप्टर फॉर्मेशन, पैराट्रूपर्स के करतब और नाल एयरबेस से तीन जगुआर लड़ाकू विमानों की गर्जना ने परेड को रोमांचक बनाया।

सार्वजनिक सहभागिता

बड़ी संख्या में गणमान्यजन, नागरिक, वेटरन्स, युवा और छात्र-छात्राएं इस ऐतिहासिक आयोजन के साक्षी बने। यह आयोजन भारतीय सेना की शौर्य, बलिदान और आधुनिक क्षमताओं का अद्वितीय प्रदर्शन बन गया।

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