Edited By Anil Jangid, Updated: 12 Jan, 2026 06:30 PM

जयपुर। ग्रामीण महिलाओं की तकनीकी क्षमता निर्माण और सौर ऊर्जा आधारित आजीविका सृजन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बेयर फुट कॉलेज में सोमवार को “सोलर दीदी” प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा आधारित रोजगार और...
जयपुर। ग्रामीण महिलाओं की तकनीकी क्षमता निर्माण और सौर ऊर्जा आधारित आजीविका सृजन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बेयर फुट कॉलेज में सोमवार को “सोलर दीदी” प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा आधारित रोजगार और महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में सिल्होरा ब्लॉक की 30 स्वयं सहायता समूह (SHG) महिलाओं ने भाग लिया। सभी प्रतिभागियों का चयन एसएचजी नेटवर्क के माध्यम से निर्धारित मानकों के अनुरूप किया गया और उन्हें आवासीय प्रशिक्षण हेतु बेयर फुट कॉलेज में नामांकित किया गया।
40 दिवसीय संरचित प्रशिक्षण मॉड्यूल के तहत महिलाओं को सौर ऊर्जा के सैद्धांतिक और व्यावहारिक ज्ञान से लैस किया जाएगा। प्रशिक्षण में सौर ऊर्जा की मूल अवधारणाओं, सोलर पैनल असेंबली और इंस्टॉलेशन, सौर उपकरणों के रखरखाव और लघु मरम्मत, फील्ड स्तर पर ट्रबलशूटिंग और सामुदायिक सौर प्रणालियों के प्रबंधन पर विशेष बल दिया जाएगा।
प्रशिक्षण के अंतिम दिन सभी प्रतिभागियों का औपचारिक मूल्यांकन किया जाएगा। निर्धारित दक्षता मानकों को पूरा करने वाली महिलाओं को “सोलर दीदी” के प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे। इस प्रकार, सिल्होरा ब्लॉक में एक सक्षम महिला कैडर विकसित होगा, जो SHG महिलाओं के लिए हरित कौशल आधारित रोजगार के नए अवसर सृजित करेगा।
इसके साथ ही स्थानीय समुदाय में विश्वसनीय और सतत सौर ऊर्जा समाधान उपलब्ध होंगे और महिला नेतृत्व आधारित स्थानीय सेवा वितरण प्रणालियों को मजबूती मिलेगी। कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल महिलाओं को तकनीकी कौशल प्रदान करना है, बल्कि उन्हें स्थानीय हरित आजीविका और नेतृत्व क्षमता से लैस कर ग्रामीण विकास में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना भी है।
बेयर फुट कॉलेज के प्रतिनिधियों ने कहा कि “सोलर दीदी” प्रशिक्षण से महिलाओं को स्वावलंबन और आर्थिक सशक्तिकरण मिलेगा, जिससे वे अपने परिवार और समुदाय के लिए स्थायी और पर्यावरण-मित्र आजीविका के अवसर पैदा कर सकेंगी।