AI से विकसित राजस्थान: जयपुर में रीजनल एआई इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस 2026 का भव्य आयोजन

Edited By Kuldeep Kundara, Updated: 06 Jan, 2026 07:04 PM

the regional ai impact conference 2026 was grandly organized in jaipur

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वर्तमान सदी में मानवता के लिए एक नया कोड-एक नई भाषा लिख रहा है।

जयपुर । मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वर्तमान सदी में मानवता के लिए एक नया कोड-एक नई भाषा लिख रहा है। उन्होंने एआई को प्रदेश की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण घटक बताते हुए कहा कि इसके विवेकपूर्ण उपयोग से सरकार ई-गवर्नेंस और डिजिटल समावेशन को और अधिक व्यापक एवं जन केन्द्रित बना रही है।
    
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को जयपुर के जेईसीसी में आयोजित राजस्थान रीजनल एआई इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस 2026 के उद्घाटन सत्र को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि एआई स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि सहित अनेक क्षेत्रों में परिवर्तन लाकर लोगों के जीवन को बेहतर बना रहा है और विकसित भारत एवं विकसित राजस्थान के लक्ष्यों को प्राप्त करने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने उद्यमियों, निवेशकों और युवाओं को एआई के उभरते क्षेत्र में सहभागी बनने के लिए राजस्थान में आमंत्रित भी किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में देश एआई के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रधानमंत्री का मानना है कि एआई केवल एक तकनीक नहीं, बल्कि 21वीं सदी में राष्ट्रीय शक्ति और समृद्धि का आधार है। एआई देश की नीति, अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और सामाजिक संरचना को बेहतर स्वरूप दे रहा है। 
    
एआई-एमएल पॉलिसी से नवाचार को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में तकनीक और स्टार्टअप के सशक्त इकोसिस्टम के निर्माण के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है। राज्य सरकार द्वारा लाई गई एआई-एमएल पॉलिसी से एआई सिस्टम अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और निजता-संरक्षण के प्रति जवाबदेह बनेंगे। इस नीति से सार्वजनिक सेवा वितरण अधिक त्वरित, नागरिक-केंद्रित और पारदर्शी होगा तथा प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी। उन्होंने बताया कि एआई से जुड़े साइबर अपराधों की रिपोर्टिंग और समाधान की प्रक्रिया सरल की जाएगी, प्रदेश में एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित होगा तथा स्कूलों, आईटीआई, पॉलिटेक्निक और कॉलेजों में एआई शिक्षा को प्रोत्साहन दिया जाएगा। उद्योग, स्टार्टअप और रिसर्च संस्थानों को भी विशेष प्रोत्साहन प्रदान किए जाएंगे।

5 हजार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण, राजस्थान में डेटा सेंटर की स्थापना
केन्द्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा करते हुए कहा कि राजस्थान में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए उद्योग संगठनों के सहयोग से नए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इसके तहत राज्य में 5 हजार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही, आने वाले समय में राजस्थान में डेटा सेंटर स्थापित किया जाएगा, जिसके लिए शीघ्र ही आवश्यक प्रक्रियाएं प्रारंभ होंगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के विशेष फोकस के तहत सीमावर्ती क्षेत्रों में रेलवे कनेक्टिविटी का विस्तार किया जा रहा है। बीकानेर से जैसलमेर और सीमावर्ती इलाकों तक रेल नेटवर्क को मजबूत करने के कार्य प्रगति पर हैं, जिससे सुरक्षा, विकास और संपर्क में उल्लेखनीय सुधार होगा।

डिजिफेस्ट स्टार्टअप्स के लिए ग्लोबल गेटवे
मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिफेस्ट ने स्टार्टअप्स को निवेशकों से, विद्यार्थियों को अवसरों से और उद्योग को सरकार से जोड़ डिजिटल राजस्थान का मार्ग प्रशस्त किया है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन स्टार्टअप्स के लिए ग्लोबल गेटवे साबित हो रहे हैं, जहां फंडिंग के साथ-साथ विश्वस्तरीय मेंटर्स का मार्गदर्शन भी मिल रहा है। एआई-एमएल, फिनटेक, एग्रीटेक, एआर-वीआर और प्रॉपटेक जैसे क्षेत्रों में विचार-विमर्श से नए अवसरों के द्वार खुल रहे हैं।

राजस्थान में हर माह 81 हजार करोड़ रुपये के यूपीआई लेनदेन
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान में 6 करोड़ 50 लाख से अधिक मोबाइल उपयोगकर्ता हैं और हर माह औसतन 81 हजार करोड़ रुपये से अधिक के यूपीआई लेनदेन हो रहे हैं। ऑनलाइन सेवाओं के बढ़ते उपयोग को देखते हुए साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए ऑपरेशन एंटी वायरस के माध्यम से साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि एवीजीसी-एक्सआर पॉलिसी, डेटा सेंटर नीति 2025, अटल इनोवेशन स्टूडियो, स्टार्टअप लॉन्चपैड, लीप प्रोग्राम और सेंटर फॉर एडवांस्ड स्किलिंग जैसी पहलों से प्रदेश में रोजगार और नवाचार को बढ़ावा मिल रहा है। एआई के विस्तार के साथ-साथ भी रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
    
मुख्यमंत्री ने कहा कि राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के दौरान हुए निवेश समझौतों में से बड़ी संख्या में परियोजनाएं धरातल पर उतर रही हैं। निवेश अनुकूल वातावरण, नई नीतियों, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और राजनिवेश पोर्टल के कारण राजस्थान निवेशकों के लिए शीर्ष राज्यों में शामिल हुआ है। प्रवासी राजस्थानियों के लिए बनाई गई नीति और विभाग से उन्हें प्रदेश के विकास में सक्रिय भागीदारी का अवसर मिल रहा है।

एआई जीवन का अभिन्न अंग बनेगा, जन-जन तक पहुंचेगी कंप्यूट सुविधा
केन्द्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव कार्यक्रम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आने वाले समय में मानव जीवन का अभिन्न अंग बनेगा और हर व्यक्ति, हर घर तथा हर उद्यम तक इसकी पहुंच होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में एआई को समावेशी, सुलभ और जनोपयोगी बनाने की दिशा में ठोस और दूरदर्शी कदम उठाए जा रहे हैं।
    
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि कम समय में भारत ने एआई मशीनों और तकनीक के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की है और आज देश की एआई क्षमताएं विश्व स्तर पर चर्चित है। एआई कंप्यूट सुविधा को ‘जन-जन’ तक पहुंचाने के उद्देश्य से कॉमन कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म विकसित किया गया है, जिसके अंतर्गत देशभर में कम लागत पर उन्नत कंप्यूट संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

एआई इंडेक्स में भारत विश्व के शीर्ष 3 देशों में शामिल
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि एआई विकास के क्षेत्र में भारत आज विश्व के शीर्ष तीन देशों में शामिल है। चीन, अमेरिका और भारत एआई डेवलपमेंट में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत की आईटी इंडस्ट्री देश की अर्थव्यवस्था की एक बड़ी ताकत है और एआई के माध्यम से यह शक्ति और सुदृढ़ होगी। विशाल प्रतिभा, मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और नवाचार आधारित इकोसिस्टम भारत को वैश्विक स्तर पर एआई क्षेत्र में नेतृत्व की ओर ले जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राजस्थान में तकनीकी क्षेत्र में स्थापित हो रहे नए आयाम
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान में छात्रों और युवाओं के लिए विशेष एआई प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ किए गए हैं, जिससे उन्हें भविष्य की तकनीकों के लिए तैयार किया जा सके। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम और डेटा सेंटर के विकास की दिशा में राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की। 
    
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि एआई, इलेक्ट्रॉनिक्स और डिजिटल टेक्नोलॉजी भारत को आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने में निर्णायक भूमिका निभाएंगी। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र और राज्य सरकारों के समन्वित प्रयासों से राजस्थान तकनीकी नवाचार का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा और देश के युवाओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचने का अवसर मिलेगा।

एआई और प्रौद्योगिकी का लोकतंत्रीकरण केन्द्र सरकार की प्राथमिकता
केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत ने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है, जिसके परिणामस्वरूप आज भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरा है। उन्होंने कहा कि आधार, जनधन, मोबाइल कनेक्टिविटी और डिजिटल सेवाओं के माध्यम से भारत ने ऐसा मॉडल प्रस्तुत किया है, जिससे विकसित देश भी भारत के साथ सहयोग करने के लिए आगे आ रहे हैं।
    
जितिन प्रसाद ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आने वाले समय में जीवन का अभिन्न हिस्सा बनेगा, जिससे उत्पादन, क्षमता और नवाचार में वृद्धि होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य प्रौद्योगिकी का लोकतंत्रीकरण करना है, ताकि इसका लाभ केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहे, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति और गांव तक पहुंचे।
    
जितिन प्रसाद ने कहा कि भारत के पास विशाल डेटा संसाधन हैं, जो देश की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की जिम्मेदारी है कि वे उपयोगकर्ताओं को यह स्पष्ट रूप से बताएं कि कौन-सा कंटेंट एआई द्वारा निर्मित है। उन्होंने कहा कि भारत में शीघ्र ही एक वैश्विक एआई शिखर सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन में विश्व के अनेक देशों, वैश्विक कंपनियों और तकनीकी विशेषज्ञों की भागीदारी होगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ग्लोबल साउथ के देशों के साथ एआई और उन्नत प्रौद्योगिकी का समान और न्यायसंगत वितरण सुनिश्चित करेगा, ताकि तकनीक केवल कुछ देशों तक सीमित न रहे, बल्कि पूरी दुनिया के विकास में सहायक बने।
    
उद्योग, वाणिज्य एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और भविष्य एआई एवं डिजिटलीकरण के माध्यम से लोगों के जीवन को और अधिक सरल, सुलभ एवं उत्पादक बनाने वाला है। उन्होंने कहा कि एआई और डिजिटलीकरण के माध्यम से आज सभी क्षेत्रों में उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि राजस्थान तकनीकी नवाचार और डिजिटलीकरण के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहा है। राजस्थान में फाइबर ऑप्टिक केबल गांव-गांव तक पहुँच चुकी है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के युवा विश्व और आधुनिक प्रौद्योगिकी से सीधे जुड़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने एआई-एमएल पॉलिसी 2026 की लॉन्च
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर नेशनल एआई लिटरेसी प्रोग्राम, राजस्थान एआई-एमएल पॉलिसी 2026, आई स्टार्ट एलएमएस, राजस्थान एवीजीसी-एक्सआर पोर्टल, राजस्थान एआई पोर्टल को लॉन्च किया। इस दौरान राज्य सरकार द्वारा गूगल, आईआईटी दिल्ली, राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय जोधपुर के साथ योजना भवन में हुए विभिन्न द्विपक्षीय एमओयू का होलोग्राफिक तकनीक के माध्यम से जीवंत प्रसारण भी किया गया। उल्लेखनीय है कि जी-20 में भी इसी तकनीक का उपयोग किया गया था।
    
इस अवसर पर मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, सचिव सूचना प्रौद्योगिकी डॉ. रवि कुमार सुरपुर, आयुक्त सूचना प्रौद्योगिकी हिमांशु गुप्ता, सीईओ एआई इंडिया अभिषेक सिंह सहित युवा उद्यमी, निवेशक, आईटी प्रोफेशनल्स तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।

 

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