Edited By Anil Jangid, Updated: 26 Jun, 2026 02:04 PM

जयपुर। राजस्थान में आगामी पंचायत और नगर निकाय चुनावों से पहले भजनलाल सरकार ने बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने प्रदेश में 76 नई नगरपालिकाओं के गठन को मंजूरी दे दी है।
जयपुर। राजस्थान में आगामी पंचायत और नगर निकाय चुनावों से पहले भजनलाल सरकार ने बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने प्रदेश में 76 नई नगरपालिकाओं के गठन को मंजूरी दे दी है। यह फैसला बजट घोषणाओं के तहत लिया गया है और इसका उद्देश्य तेजी से बढ़ते शहरीकरण वाले क्षेत्रों में बेहतर प्रशासनिक ढांचा उपलब्ध कराना है।
स्वायत्त शासन विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इन नई नगरपालिकाओं के सुचारू संचालन के लिए कुल 684 नए पदों के सृजन को भी स्वीकृति दी गई है। इससे न केवल स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
इस निर्णय के बाद राजस्थान में नगर निकायों की कुल संख्या 309 से बढ़कर 385 हो जाएगी। राज्य में सबसे अधिक 7-7 नई नगरपालिकाएं जयपुर और झुंझुनूं जिलों में गठित की गई हैं। जयपुर जिले में वाटिका, जमवारामगढ़, फागी, दूदू, कानोता, खेजरोली और कालाडेरा को नई नगरपालिकाओं के रूप में शामिल किया गया है।
सरकार का मानना है कि इस कदम से स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों की गति तेज होगी और योजनाओं का क्रियान्वयन अधिक प्रभावी तरीके से हो सकेगा। नई नगरपालिकाओं के गठन से आधारभूत सुविधाओं जैसे सड़क, स्वच्छता, जल आपूर्ति और शहरी सेवाओं के विस्तार में भी सुधार आने की उम्मीद है।
नई व्यवस्था के तहत विभिन्न श्रेणियों में पदों का सृजन किया गया है, जिनमें अधिशाषी अधिकारी-चतुर्थ, सहायक राजस्व निरीक्षक, कनिष्ठ अभियंता (सिविल), कनिष्ठ लेखाकार, ठोस कचरा प्रबंधन अधिकारी (स्वास्थ्य निरीक्षक-सेकंड), वरिष्ठ प्रारूपकार, वरिष्ठ सहायक और कनिष्ठ सहायक जैसे पद शामिल हैं। प्रत्येक श्रेणी में 76-76 पद स्वीकृत किए गए हैं।
राजनीतिक रूप से इस निर्णय को आगामी स्थानीय निकाय चुनावों से पहले एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में प्रशासनिक पहुंच को मजबूत किया जा सकेगा।