झालावाड़ में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविरों से अधिकारी नदारद, सरकार की मंशा पर पूरी तरह नहीं उतरे खरे

Edited By Anil Jangid, Updated: 23 Jul, 2026 12:22 PM

jhalawar rural service camps fail to deliver due to officials absence

झालावाड़। राजस्थान सरकार द्वारा आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान और विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविर आयोजित किए जा रहे हैं।

झालावाड़। राजस्थान सरकार द्वारा आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान और विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। लेकिन झालावाड़ जिले की सबसे बड़ी पंचायत समिति पिड़ावा मुख्यालय सुनेल की ग्राम पंचायत सलोतिया और दुबलिया में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर सरकार की मंशा पर पूरी तरह खरे नहीं उतर सके। कई विभागों के अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याओं का समाधान कराए बिना ही निराश होकर घर लौट गए।

 

मीडिया की जमीनी पड़ताल में सामने आया कि दोनों सेवा शिविरों में कई महत्वपूर्ण विभागों के अधिकारी मौजूद नहीं थे। जानकारी के अनुसार सह प्रभारी तहसीलदार सुनेल रायपुर भी शिविर में उपस्थित नहीं मिले। इसके अलावा पंचायत विभाग के विकास अधिकारी, अतिरिक्त विकास अधिकारी, पंचायत प्रसार अधिकारी, सीबीईओ, आईसीडीएस, विद्युत विभाग, रसद विभाग तथा रोडवेज विभाग सहित कई अन्य विभागों के अधिकारी भी शिविर से अनुपस्थित रहे।

 

ग्रामीणों का कहना था कि वे अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर शिविर में पहुंचे थे, लेकिन संबंधित विभागों के अधिकारी नहीं मिलने से उन्हें निराशा हाथ लगी। कई लोगों ने नामांतरण, भूमि शुद्धि, पट्टा, बिजली आपूर्ति और अन्य प्रशासनिक समस्याओं को लेकर आवेदन देने की कोशिश की, लेकिन मौके पर समाधान नहीं मिल सका।

 

हालांकि सलोतिया ग्राम पंचायत में आयोजित शिविर में प्रशासक इन्द्रसिंह सिसोदिया, नायब तहसीलदार नवलजी, कानूनगो रियाज, पटवारी अनिल शेखावत, दिनेश गुजर, ग्राम विकास अधिकारी रामगोपाल नागर सहित चिकित्सा, पशुपालन, आयुर्वेद, कृषि, सहकारिता, जल संसाधन, सार्वजनिक निर्माण विभाग, पीएचईडी और समाज कल्याण विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे और उन्होंने लोगों की समस्याएं सुनीं।

 

शिविर के दौरान कालियाखेड़ी गांव में श्मशान भूमि और सामुदायिक भवन निर्माण की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। इस संबंध में प्रशासक इन्द्रसिंह सिसोदिया एवं नागरिक विकास मंच के अध्यक्ष ओमप्रकाश शर्मा ने आवेदन प्रस्तुत किया। इस पर नायब तहसीलदार नवलजी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित पटवारी को भूमि चयनित करने के निर्देश दिए।

 

उल्लेखनीय है कि कालियाखेड़ी गांव अनुसूचित जनजाति भील समाज की बहुलता वाला गांव है, जहां आजादी के करीब 79 वर्ष बाद भी स्थायी श्मशान घाट उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई। ग्रामीणों ने इसे गंभीर समस्या बताते हुए शीघ्र समाधान की मांग की।

 

इसके अलावा सलोतिया-लालगांव क्षेत्र में कई घंटों तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने की शिकायत भी ग्रामीणों ने शिविर में दर्ज कराई। लेकिन विद्युत विभाग के अधिकारी अनुपस्थित होने के कारण इस समस्या का तत्काल समाधान नहीं हो सका। इससे ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिली।

 

मामले पर अतिरिक्त जिला कलक्टर कमल सिंह यादव ने कहा कि सेवा शिविरों में अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार की मंशा के अनुरूप शिविरों को प्रभावी बनाया जाएगा ताकि आमजन को एक ही स्थान पर सभी आवश्यक सेवाओं का लाभ मिल सके।

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!