Edited By Ishika Jain, Updated: 20 Jul, 2026 06:54 PM

डूंगरपुर के रतनपुरा गांव में संदिग्ध चांदीपुरा वायरस से बच्ची की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने स्वास्थ्य शिविर, घर-घर सर्वे और मवेशी बाड़ों में फॉगिंग अभियान शुरू किया।
डूंगरपुर जिले के सीमलवाड़ा क्षेत्र स्थित रतनपुरा गांव में एक छह वर्षीय बच्ची की संदिग्ध चांदीपुरा वायरस संक्रमण से हुई मौत के बाद स्वास्थ्य और पशुपालन विभाग ने एहतियाती कदम तेज कर दिए हैं। गांव में स्वास्थ्य शिविर, घर-घर सर्वे और मवेशी बाड़ों में फॉगिंग जैसी गतिविधियां शुरू की गई हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को रतनपुरा के राजकीय विद्यालय में विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया। शिविर में 30 बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया, जिनमें 17 बालिकाएं और 13 बालक शामिल थे। जांच के दौरान किसी भी बच्चे में बीमारी के लक्षण नहीं पाए गए। विभाग की टीमें गांव में घर-घर जाकर अन्य ग्रामीणों के स्वास्थ्य की भी जांच कर रही हैं और जरूरत के अनुसार दवाइयों का वितरण किया जा रहा है।
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, चांदीपुरा वायरस का संक्रमण मुख्य रूप से रेतीली मक्खी (सैंडफ्लाई) के माध्यम से फैलता है। यह कीट अक्सर मवेशी बाड़ों में पाया जाता है और संक्रमण फैलाने की क्षमता रखता है। बच्चों में इस वायरस का असर गंभीर हो सकता है, इसलिए सतर्कता बढ़ाई गई है।
संक्रमण की रोकथाम के लिए पशुपालन विभाग की टीम ने भी गांव में अभियान चलाया। अधिकारियों ने 55 घरों में मौजूद पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया, जिसमें 82 भैंस, 34 गाय एवं बैल तथा 62 बकरियां शामिल रहीं। साथ ही मवेशी बाड़ों में फॉगिंग और कीट नियंत्रण की कार्रवाई की गई, ताकि रेतीली मक्खियों के प्रजनन को रोका जा सके।
प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि यदि किसी बच्चे या अन्य व्यक्ति में तेज बुखार, उल्टी, बेहोशी या अन्य गंभीर लक्षण दिखाई दें तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और एहतियाती उपाय जारी हैं।