Edited By Anil Jangid, Updated: 20 Jul, 2026 02:17 PM

जयपुर। राजस्थान के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों और यहां से शिक्षा प्राप्त कर देश-विदेश में सफलता हासिल करने वाले पूर्व छात्रों को जोड़ने के लिए भजनलाल सरकार ने एक नई पहल शुरू करने की तैयारी की है।
जयपुर। राजस्थान के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों और यहां से शिक्षा प्राप्त कर देश-विदेश में सफलता हासिल करने वाले पूर्व छात्रों को जोड़ने के लिए भजनलाल सरकार ने एक नई पहल शुरू करने की तैयारी की है। शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी राजकीय माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में निजी स्कूलों की तर्ज पर एलुमनाई मीट आयोजित करने का निर्णय लिया है।
इस कार्यक्रम को सखा संगम नाम दिया गया है। इसका उद्देश्य सरकारी स्कूलों से पढ़कर निकले सफल नागरिकों को अपने पुराने विद्यालय, शिक्षकों और वर्तमान विद्यार्थियों से दोबारा जोड़ना है। सरकार का मानना है कि पूर्व छात्रों के अनुभव, मार्गदर्शन और सहयोग से सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सकता है।
शिक्षा विभाग के अनुसार, सखा संगम कार्यक्रम का आयोजन 16 से 23 नवंबर तक किया जाएगा। इस दौरान पूर्व छात्र अपने स्कूलों में पहुंचकर पुराने अनुभव साझा करेंगे और वर्तमान विद्यार्थियों को करियर, शिक्षा और जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेंगे।
कार्यक्रम को केवल एक दिन के आयोजन तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसे स्थायी व्यवस्था का रूप देने की योजना बनाई गई है। इसके लिए प्रदेश के प्रत्येक सरकारी माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालय में पूर्व विद्यार्थी मंच का गठन किया जाएगा।
इस मंच में स्कूल के पुराने विद्यार्थियों के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों, वर्तमान एवं सेवानिवृत्त शिक्षकों को भी शामिल किया जाएगा। मंच के संचालन के लिए लोकतांत्रिक और पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से एक कार्यकारिणी समिति बनाई जाएगी। इसमें अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष जैसे पदों पर सदस्यों का चयन किया जाएगा।
सरकार की योजना है कि पूर्व छात्रों की भागीदारी से स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं के विकास, स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल शिक्षा और नवाचार को बढ़ावा दिया जाए। सफल पूर्व विद्यार्थी अपने अनुभवों के माध्यम से बच्चों को बेहतर मार्गदर्शन दे सकेंगे और शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव ला सकेंगे।
शिक्षा विभाग का मानना है कि सरकारी स्कूलों से जुड़े लाखों पूर्व विद्यार्थियों की क्षमता और अनुभव का उपयोग विद्यालयों के विकास में किया जा सकता है। सखा संगम पहल के माध्यम से स्कूल और पूर्व छात्रों के बीच एक मजबूत और स्थायी संबंध स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है।