जयपुर में सड़क चौड़ीकरण के दौरान 5 धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई, नूरानी मस्जिद को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल

Edited By Anil Jangid, Updated: 08 Jun, 2026 02:05 PM

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जयपुर। जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) और जिला प्रशासन द्वारा शहर के नंदपुरी क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की गई। इस अभियान के दौरान सड़क की सीमा में आ रहे पांच धार्मिक स्थलों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई, जिसमें नूरानी...

जयपुर। जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) और जिला प्रशासन द्वारा शहर के नंदपुरी क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की गई। इस अभियान के दौरान सड़क की सीमा में आ रहे पांच धार्मिक स्थलों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई, जिसमें नूरानी मस्जिद भी शामिल है। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए क्षेत्र में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए इंटरनेट सेवाओं पर भी अस्थायी रोक लगाई गई है।

 

जानकारी के अनुसार मालवीय नगर से जगतपुरा तक जाने वाली मुख्य सड़क को चौड़ा करने का कार्य लंबे समय से प्रस्तावित था। वर्तमान में लगभग 25 से 30 फीट चौड़ी इस सड़क को बढ़ाकर 80 फीट तक किया जा रहा है ताकि बढ़ते यातायात दबाव को कम किया जा सके। सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत नंदपुरी अंडरपास के पास रेलवे लाइन के समानांतर स्थित कई निर्माण सड़क की निर्धारित सीमा के भीतर पाए गए।

 

प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक अभियान के तहत कुल पांच धार्मिक स्थलों को हटाया जा रहा है। इनमें एक मस्जिद, दो मंदिर, एक सत्संग हॉल और एक मजार शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि ये सभी संरचनाएं सड़क के राइट ऑफ वे (Right of Way) क्षेत्र में आ रही थीं, जिसके कारण परियोजना के सुचारू क्रियान्वयन के लिए यह कार्रवाई आवश्यक थी।

 

कार्रवाई से पहले प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए। क्षेत्र में 50 से अधिक प्रशासनिक अधिकारियों के साथ 3,000 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। जयपुर पुलिस आयुक्त सचिन मित्तल ने कहा कि किसी भी व्यक्ति द्वारा सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने, अफवाह फैलाने या भड़काऊ सामग्री साझा करने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की साइबर और कानून-व्यवस्था इकाइयों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।

 

इस बीच कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बहस भी शुरू हो गई है। कांग्रेस विधायक रफीक खान ने नूरानी मस्जिद को हटाने के निर्णय पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि मस्जिद का निर्माण निर्धारित भवन नियमों और बायलॉज के अनुरूप किया गया था। उन्होंने प्रशासन से कार्रवाई के आधार और प्रक्रिया को सार्वजनिक करने की मांग की है।

 

प्रशासन ने नागरिकों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाह पर विश्वास न करने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण परियोजना सार्वजनिक सुविधा और यातायात सुधार के उद्देश्य से की जा रही है तथा सभी निर्णय नियमानुसार लिए जा रहे हैं।

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