Edited By LUCKY SHARMA, Updated: 20 Jul, 2026 01:21 PM

राजस्थान रत्न स्व. के.सी. मालू की स्मृति में आयोजित वर्चुअल श्रद्धांजलि सभा में मेमोरियल ट्रस्ट गठन, ₹5 लाख के वार्षिक राष्ट्रीय पुरस्कार और स्मृति डाक टिकट जारी करने सहित कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए।
जयपुर। राजस्थान रत्न एवं वीणा समूह के संस्थापक स्वर्गीय के.सी. मालू की स्मृति में आयोजित वर्चुअल श्रद्धांजलि सभा में देश-विदेश से कला, संस्कृति, साहित्य, संगीत, मीडिया और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े अनेक गणमान्यजन शामिल हुए। इस अवसर पर उनके योगदान को याद करते हुए कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए।
देश-विदेश से उमड़े श्रद्धांजलि के स्वर
ज़ूम के माध्यम से आयोजित इस सभा का संचालन कुमेश जैन ने किया। उन्होंने कहा कि के.सी. मालू का जीवन भारतीय लोक संस्कृति, कलाकारों के सम्मान और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए समर्पित रहा। उनके सपनों को साकार करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
लोक संस्कृति को दिलाई राष्ट्रीय और वैश्विक पहचान
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (डीआईपीआर) राजस्थान के पूर्व निदेशक डॉ. अमर सिंह राठौड़ ने कहा कि स्व. के.सी. मालू ने राजस्थान की लोक संस्कृति और लोक संगीत को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष के सलाहकार जी.एन. भट्ट ने उन्हें कलाकारों का सच्चा संरक्षक और दूरदर्शी व्यक्तित्व बताया।
वरिष्ठ पत्रकार डॉ. ओ.पी. यादव, इंडिया टुडे समूह के फोटो एडिटर पुरुषोत्तम दिवाकर, राकेश अग्रवाल, अजय कुमार और विक्रम सहित कई वक्ताओं ने उनके साथ जुड़े संस्मरण साझा करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
सर्वसम्मति से पारित हुए तीन बड़े प्रस्ताव
सभा में सर्वसम्मति से निम्नलिखित महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए—
- "राजस्थान रत्न के.सी. मालू मेमोरियल ट्रस्ट" का गठन किया जाएगा।
- कला, संस्कृति एवं लोक संगीत के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए प्रतिवर्ष ₹5 लाख का "राजस्थान रत्न श्री के.सी. मालू स्मृति राष्ट्रीय पुरस्कार" प्रदान किया जाएगा।
- भारत सरकार से स्व. के.सी. मालू की स्मृति में डाक टिकट जारी करने का अनुरोध किया जाएगा।
विश्वस्तरीय संस्थानों की स्थापना का संकल्प
सभा में यह भी निर्णय लिया गया कि स्व. के.सी. मालू की स्मृति में प्रतिवर्ष राष्ट्रीय स्तर पर स्मृति समारोह आयोजित किया जाएगा। साथ ही उनके सपनों के अनुरूप एक विश्वस्तरीय परफॉर्मिंग आर्ट्स अकादमी और लोक कला एवं संस्कृति विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए प्रयास किए जाएंगे।
इसके अलावा, सुजानगढ़ में प्रस्तावित अस्पताल के निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा कराने, वीणा समूह के माध्यम से लोक संस्कृति और लोक संगीत के संरक्षण को निरंतर जारी रखने तथा कला क्षेत्र की प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने का भी संकल्प लिया गया।
हेमजीत मालू ने जताया आभार
सभा के अंत में हेमजीत मालू ने सभी अतिथियों, वक्ताओं और देश-विदेश से जुड़े प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके पूज्य पिताश्री का सपना भारतीय लोक संस्कृति के संरक्षण के लिए स्थायी संस्थानों की स्थापना करना था। उन्होंने विश्वास जताया कि परिवार सभी शुभचिंतकों के सहयोग से उनके अधूरे सपनों को साकार करने का हरसंभव प्रयास करेगा।
कार्यक्रम का समापन स्वर्गीय के.सी. मालू को सामूहिक श्रद्धांजलि और दो मिनट के मौन के साथ किया गया।