Edited By Sourabh Dubey, Updated: 28 Jul, 2026 04:15 PM

राजस्थान के लाखों सरकारी कर्मचारियों से जुड़े दो अहम मुद्दों को लेकर राज्य कर्मचारी महासंघ एकीकृत (चंपावत गुट) ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है।
जयपुर। राजस्थान के लाखों सरकारी कर्मचारियों से जुड़े दो अहम मुद्दों को लेकर राज्य कर्मचारी महासंघ एकीकृत (चंपावत गुट) ने मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है। महासंघ ने लंबे समय से लंबित उपार्जित अवकाश (PL) के एवज में देय समर्पित वेतन का भुगतान शीघ्र जारी करने और IPR (अचल संपत्ति विवरण) पोर्टल को दोबारा खोलने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है।
प्रदेश महामंत्री जगेश्वर शर्मा ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि सरकार द्वारा लंबे समय से PL भुगतान पर रोक लगाए जाने से कर्मचारियों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, नियत तिथि तक IPR नहीं भर पाने वाले लाखों कर्मचारियों की जुलाई माह की वार्षिक वेतन वृद्धि भी प्रभावित हो रही है।
मुख्य सचिव स्तर पर कार्रवाई का आश्वासन
महासंघ के प्रदेश संयुक्त मंत्री हरिश्चन्द्र प्रजापति ने बताया कि इस मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय के साथ-साथ मुख्य सचिव अखिल अरोड़ा की ओर से भी शीघ्र कार्रवाई कर आवश्यक आदेश जारी करने का आश्वासन दिया गया है।
महासंघ को उम्मीद है कि सरकार जल्द ही कर्मचारियों के हित में निर्णय लेकर PL भुगतान और IPR पोर्टल से जुड़े मुद्दों का समाधान करेगी।
IFMS 3.0 के तहत अग्रिम वेतन सुविधा का किया स्वागत
इस बीच, वित्त विभाग द्वारा 22 जुलाई 2026 को जारी आदेश का महासंघ ने स्वागत किया है। आदेश के अनुसार राज्य कर्मचारियों को IFMS 3.0 के माध्यम से आकस्मिक परिस्थितियों में 24 माह तक के वेतन का 50 प्रतिशत अग्रिम प्राप्त करने की सुविधा दी गई है।
महासंघ के अध्यक्ष केसर सिंह चंपावत, प्रदेश महामंत्री जगेश्वर शर्मा और जयपुर जिलाध्यक्ष सुनील शर्मा ने इसे कर्मचारियों के हित में सरकार का सकारात्मक कदम बताते हुए राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया है।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
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लंबित PL (समर्पित वेतन) का शीघ्र भुगतान किया जाए।
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IPR पोर्टल को दोबारा खोला जाए।
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IPR नहीं भर पाने वाले कर्मचारियों की वार्षिक वेतन वृद्धि पर रोक हटाई जाए।
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कर्मचारियों के लंबित वित्तीय मामलों का जल्द समाधान किया जाए।