Edited By Anil Jangid, Updated: 30 Jul, 2026 03:46 PM

जयपुर। राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर छात्र संगठनों का विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है। गुरुवार को जयपुर में कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई (NSUI) के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।
जयपुर। राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर छात्र संगठनों का विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है। गुरुवार को जयपुर में कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई (NSUI) के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। इस दौरान राजस्थान विश्वविद्यालय से जुड़े तीन छात्र नेता टोंक फाटक स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गए और छात्रसंघ चुनाव जल्द बहाल करने की मांग उठाई।
पानी की टंकी पर चढ़े छात्रों में एनएसयूआई प्रभारी विजयपाल कुड़ी, छात्र नेत्री वियोना जाट और छात्र नेता कोशेन खान शामिल हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों ने हाथों में पोस्टर लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस्तीफे तथा छात्रों से माफी की मांग की।
एनएसयूआई नेताओं का आरोप है कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित लाठीचार्ज किया गया, जो लोकतांत्रिक अधिकारों और छात्र हितों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
प्रदर्शनकारियों ने राजस्थान में पिछले चार वर्षों से छात्रसंघ चुनाव नहीं होने का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि छात्रसंघ चुनाव छात्रों को नेतृत्व चुनने और अपनी समस्याओं को लोकतांत्रिक तरीके से उठाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। लंबे समय से चुनाव नहीं होने के कारण छात्रों को अपने प्रतिनिधि चुनने का अवसर नहीं मिल पा रहा है।
छात्र नेताओं ने चेतावनी दी कि जब तक छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की घोषणा नहीं की जाती, तब तक वे टंकी से नीचे नहीं उतरेंगे। उन्होंने मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और तेज करने की बात भी कही।
सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और अधिकारी छात्रों से बातचीत कर उन्हें सुरक्षित नीचे उतारने का प्रयास कर रहे हैं। प्रदर्शन के कारण आसपास के इलाके में भीड़ जमा हो गई, जिससे यातायात भी प्रभावित हुआ।
फिलहाल तीनों छात्र नेता अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और प्रशासन लगातार स्थिति को संभालने में जुटा है। राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव बहाली का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक और छात्र संगठनों के बीच चर्चा का केंद्र बन गया है।