Edited By Anil Jangid, Updated: 06 Aug, 2026 05:30 PM

जयपुर। राजस्थान में निकाय चुनाव और पंचायत चुनाव होने जा रहे है। केन्द्र सरकार अन्तोदय योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिये कल्याण का काम कर रही है।
जयपुर। राजस्थान में निकाय चुनाव और पंचायत चुनाव होने जा रहे है। केन्द्र सरकार अन्तोदय योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिये कल्याण का काम कर रही है। प्रदेश में उक्त चुनावों में एसटी, एससी एवं ओबीसी वर्ग को आरक्षण दिया जाता है तो ईडब्ल्यूएस वर्ग को भी दस प्रतिशत सीटों पर आरक्षण की मांग राज्य सरकार से करते है जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों को भी प्रतिनिधित्व मिल सकें। सरकार यदि ग़रीब वर्ग को राजनीतिक प्रतिनिधित्व का फ़ैसला करती है तो देश में एक बड़ी पहल होगी जिसका बड़ा संदेश जाएगा। साथ ही प्रदेश में 2016 से संचालित राजस्थान आर्थिक पिछडा वर्ग आयोग में अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति सरकार अविलम्ब करें।
आगरा रोड़ स्थित सूर्या सिटी कॉलोनी के मैदान में सवर्ण पंचायत
मंच के अध्यक्ष सुनील उदेईया ने बताया कि इस मांग के संबन्ध में 09 अगस्त, 2026 को प्रातः 11.00 बजे आगरा रोड़ स्थित सूर्या सिटी कॉलोनी के मैदान में सवर्ण पंचायत रखी है पंचायत के बाद मुख्यमंत्री जी को ज्ञापन देने मुख्यमंत्री निवास पैदल प्रस्थान करेंगे। यदि सरकार अनदेखी करती है तो सवर्ण वर्ग पंचायत निकाय चुनावों में अपनी नाराजगी दिखायेगा। सवर्णों के साथ देश में दोयम दर्जे का व्यवहार किया जा रहा है जो स्वीकार नही है। हम नहीं चाहते कि सडकों पर उतरें और कानून व्यवस्था बिगडे, सरकार स्वयं आगे आकर सबसे बडा वोट बैंक जो सरकार को टैक्स में बडा हिस्सा देता है और वोट में भी बडी हिस्सेदारी देता है के लिये योजना और नीतियों बनाये। बिहार और मध्यप्रदेश के उप चुनाव से सवर्ण वर्ग की नाराजगी समझ आ ही गई होगी।
सवर्ण संगठनो के पदाधिकारी मौजूद रहे
इस प्रेस कॉन्फ़्रेंस को सुनील उदेईया प्रदेश अध्यक्ष EWS आरक्षण मंच, योगेन्द्र भारद्वाजप्रदेश अध्यक्ष, विप्र महासभा, अनिल चतुर्वेदी एड. संयोजक एवं प्रम्मुख, परशुराम सेना, राजेन्द्र मित्तल प्रदेश अध्यक्ष वैश्य सेना, राज., डॉ. शिवराज सिंह तेंवर संयोजक एवं अध्यक्ष तवरावाटी राजपूत, राजेन्द्र तेंवर एड. सह-संयोजक, अनिल ख़ांडल, अध्यक्ष ख़ांडल महासभा, जितेंद्र मिश्रा, हर्षिता शर्मा आदि ने संबोधित किया। साथ ही सवर्ण संगठनो के पदाधिकारी मौजूद रहे।