बिरला सन लाइफ बीमा धोखाधड़ी: ₹22.63 लाख की ठगी में एक गिरफ्तार, गाजियाबाद से दबोचा गया मुख्य अभियुक्त

Edited By Chandra Prakash, Updated: 14 Jul, 2025 07:32 PM

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प्रतापगढ़ पुलिस ने एक बड़ी साइबर धोखाधड़ी का पर्दाफाश करते हुए बिरला सन लाइफ बीमा पॉलिसी के नाम पर 22 लाख 63 हजार 355 रुपये की ठगी करने वाले एक मुख्य अभियुक्त को गाजियाबाद उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार...

जयपुर/प्रतापगढ़ 14 जुलाई 2025। प्रतापगढ़ पुलिस ने एक बड़ी साइबर धोखाधड़ी का पर्दाफाश करते हुए बिरला सन लाइफ बीमा पॉलिसी के नाम पर 22 लाख 63 हजार 355 रुपये की ठगी करने वाले एक मुख्य अभियुक्त को गाजियाबाद उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार बंसल के निर्देश पर गठित विशेष टीम द्वारा की गई।
     
एसपी बंसल ने बताया कि घटना के सम्बंध 11 मई 2024 को प्रतापगढ़ निवासी नानालाल लोहार ने साइबर पुलिस थाना में शिकायत दर्ज कराई। लोहार ने बताया कि उन्होंने अपनी बंद पड़ी बिरला सन लाइफ बीमा पॉलिसी की जमा राशि वापस दिलवाने के नाम पर एक अज्ञात व्यक्ति से संपर्क किया। आरोपी और साथियों ने खुद को मनोज पांडे, एनपी सिंह और वीके सिंह बताकर यहां तक कि अपने आधार कार्ड और पैन कार्ड की प्रतियां व्हाट्सएप पर भेजकर लोहार का विश्वास जीत लिया।
      
एक बार विश्वास कायम होने के बाद आरोपी ने अलग-अलग प्रक्रियाओं के नाम पर बार-बार फोन करके लोहार से पैसे मांगे। बीमा पॉलिसी के सभी दस्तावेज़ और जानकारी मिलने के बाद लोहार ने आरोपी के झांसे में आकर 15 अप्रैल, 2024 से लेकर अब तक यूपीआई आईडी, फोनपे और आरटीजीएस के ज़रिए कुल 22.63 लाख की मोटी रकम उनके बताए बैंक खातों में जमा करवा दी। 9 मई, 2024 को जब आरोपी के मोबाइल फोन बंद आने लगे तब लोहार को ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद साइबर थाना प्रतापगढ़ में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
      
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी बंसल ने तत्काल एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया। थानाधिकारी साइबर थाना हरि सिंह के नेतृत्व में टीम ने तेज़ी से कार्रवाई करते हुए अभियुक्त द्वारा इस्तेमाल किए गए बैंक खातों को फ्रीज करवाया। बैंक रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के गहन विश्लेषण से पता चला कि ठगी गई राशि अभियुक्त शफीक अहमद के खाते में गई थी जो गाजियाबाद में रह रहा था।
     
पुलिस टीम ने तुरंत गाजियाबाद में दबिश दी और शफीक अहमद पुत्र खुर्शीद (32) निवासी साहिबाबाद गाजियाबाद उत्तर प्रदेश को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में शफीक ने कबूल किया कि उसने गूगल से नाना लाल का नंबर ढूंढकर उन्हें कॉल किया और बीमा राशि वापस दिलाने का लालच देकर अपने खाते में पैसे डलवाए। जांच के बाद रविवार 13 जुलाई को शफीक अहमद को गिरफ्तार कर लिया गया।
      
पुलिस का कहना है कि इस धोखाधड़ी में शामिल अन्य अभियुक्तों की तलाश जारी है। गिरफ्तार अभियुक्त से पूछताछ के आधार पर जल्द ही अन्य मास्टरमाइंडों तक पहुंचने की उम्मीद है। इस कार्रवाई में साइबर थाना से एसएचओ हरि सिंह, एएसआई कमलेश कुमार सउनि, कांस्टेबल दशरथ कुमार, रमेश चन्द्र, पांचुराम और विनोद की विशेष भूमिका रही।

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