कोटा में बच्चों के इलाज को बड़ी राहत: 6 साल बाद फिर शुरू हुआ पीडियाट्रिक विभाग, NICU सुविधा बहाल

Edited By Anil Jangid, Updated: 02 Apr, 2026 02:30 PM

big relief for child healthcare in kota nicu services resumed

कोटा: राजस्थान के कोटा में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर एक बड़ी और राहतभरी खबर सामने आई है। कोटा मेडिकल कॉलेज के नए अस्पताल में बाल एवं शिशु रोग (पीडियाट्रिक) विभाग को करीब 6 साल बाद दोबारा शुरू कर दिया गया है। इसके साथ ही नवजात शिशुओं के लिए...

कोटा: राजस्थान के कोटा में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर एक बड़ी और राहतभरी खबर सामने आई है। कोटा मेडिकल कॉलेज के नए अस्पताल में बाल एवं शिशु रोग (पीडियाट्रिक) विभाग को करीब 6 साल बाद दोबारा शुरू कर दिया गया है। इसके साथ ही नवजात शिशुओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण एनआईसीयू (NICU) सुविधा भी बहाल कर दी गई है, जिससे बच्चों के इलाज को लेकर अभिभावकों की चिंता काफी हद तक कम हो गई है।

 

गौरतलब है कि वर्ष 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान इस अस्पताल को कोविड सेंटर में परिवर्तित कर दिया गया था। उस समय बच्चों के इलाज से जुड़ी सभी सेवाओं को जेके लोन अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया था। अब लंबे अंतराल के बाद इस विभाग की वापसी से चिकित्सा सेवाएं फिर से सामान्य होती नजर आ रही हैं। बुधवार से यहां बच्चों की भर्ती और इलाज की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई, और पहले ही दिन दो बच्चों को भर्ती कर उपचार शुरू किया गया।

 

अस्पताल प्रशासन ने बेहतर व्यवस्थाओं के लिए जेके लोन अस्पताल से दो यूनिट्स को नए अस्पताल में स्थानांतरित किया है। वर्तमान में यहां दो वार्ड और दो यूनिट्स पूरी तरह सक्रिय हैं। अनुभवी चिकित्सक डॉ. सुनीता खंडेलवाल और डॉ. मोहित अजमेरा विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वहीं मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. निलेश कुमार जैन के अनुसार, अब यहां 24 घंटे शिशु रोग विशेषज्ञों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।

 

इस नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा उन महिलाओं और नवजात शिशुओं को मिलेगा, जो इसी अस्पताल में प्रसव के लिए भर्ती होते हैं। पहले किसी नवजात की हालत बिगड़ने पर उसे करीब 11 किलोमीटर दूर जेके लोन अस्पताल रेफर करना पड़ता था, जिससे समय और जोखिम दोनों बढ़ जाते थे। अब उसी परिसर में तुरंत इलाज मिलने से नवजातों की जान बचाने में काफी मदद मिलेगी।

 

यह सुविधा केवल कोटा ही नहीं, बल्कि बूंदी, झालावाड़ और बारां जैसे आसपास के जिलों के मरीजों के लिए भी बेहद लाभकारी साबित होगी। भविष्य में अस्पताल प्रशासन यहां पीडियाट्रिक सर्जरी और अन्य सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं शुरू करने की योजना बना रहा है, जिससे आम लोगों को बेहतर और सुलभ इलाज मिल सकेगा।

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