Edited By Anil Jangid, Updated: 26 Mar, 2026 07:24 PM

कोटा: राजस्थान के कोटा जिले से एक गंभीर मारपीट का मामला सामने आया है, जहां खेत के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और दो भाइयों पर लाठी और लोहे की रॉड से हमला कर दिया गया। इस हमले में दोनों भाई गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत कोटा के एमबीएस अस्पताल...
कोटा: राजस्थान के कोटा जिले से एक गंभीर मारपीट का मामला सामने आया है, जहां खेत के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और दो भाइयों पर लाठी और लोहे की रॉड से हमला कर दिया गया। इस हमले में दोनों भाई गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत कोटा के एमबीएस अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
यह घटना कैथून थाना क्षेत्र के गलाना गांव की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, विवाद की शुरुआत खेत पर हुई एक मामूली कहासुनी से हुई थी। गांव के निवासी मांगीलाल कुमार (52) ने बताया कि उनके छोटे भाई की बाबूलाल, मुकेश और महेंद्र नाम के लोगों से बहस हो गई थी। देखते ही देखते यह बहस झगड़े में बदल गई और आरोपियों ने मारपीट शुरू कर दी।
जब मांगीलाल को इस घटना की जानकारी मिली तो वे अपने भाई को बचाने के लिए मौके पर पहुंचे। उन्होंने बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन आरोपियों ने उनके साथ भी गाली-गलौज शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि उस समय आरोपी शराब के नशे में थे, जिससे उनका व्यवहार और अधिक आक्रामक हो गया।
आरोपियों ने लाठी और लोहे की रॉड से हमला कर दिया, जिससे मांगीलाल के सिर में गंभीर चोट आई। उनके भाई को भी गंभीर चोटें आई हैं। घटना के दौरान शोर-शराबा सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और किसी तरह दोनों पक्षों को अलग किया, जिससे स्थिति और बिगड़ने से बच गई।
घटना के बाद परिजनों ने घायल दोनों भाइयों को तुरंत कोटा के एमबीएस अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, दोनों की हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें निगरानी में रखा गया है।
इस मामले की सूचना कैथून थाना पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही जा रही है।
यह घटना एक बार फिर यह दर्शाती है कि छोटे-छोटे विवाद किस तरह बड़े हिंसक रूप ले सकते हैं, खासकर जब उनमें नशे और आक्रामकता का तत्व जुड़ जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे मामलों को रोकने के लिए जागरूकता और समय रहते हस्तक्षेप बेहद जरूरी है।