जोधपुर/सालोडी | 35 KM दूर पहाड़ियों के बीच सती माता धाम पर उमड़ा आस्था का सैलाब

Edited By Kuldeep Kundara, Updated: 13 Jul, 2025 09:13 AM

sick people are gathering in hope of treatment

जोधपुर शहर से करीब 35 किलोमीटर दूर, रमणीय पहाड़ियों और पवन चक्कियों के बीच बसा एक छोटा-सा गांव सालोडी इन दिनों चर्चा और कौतूहल का केंद्र बना हुआ है। यहां स्थित कथित सती माता धाम में बीते कुछ महीनों से आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है।

जोधपुर शहर से करीब 35 किलोमीटर दूर, रमणीय पहाड़ियों और पवन चक्कियों के बीच बसा एक छोटा-सा गांव सालोडी इन दिनों चर्चा और कौतूहल का केंद्र बना हुआ है। यहां स्थित कथित सती माता धाम में बीते कुछ महीनों से आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। रोज़ाना सैकड़ों नहीं, बल्कि हजारों की संख्या में श्रद्धालु इस चबूतरेनुमा स्थान पर पहुंच रहे हैं। दिलचस्प बात ये है कि गांव से लगभग 2 किलोमीटर दूर जंगल और पहाड़ियों के बीच बसे इस स्थान तक पहुंचने के लिए कच्चे, टेढ़े-मेढ़े रास्तों से होकर गुजरना पड़ता है, फिर भी श्रद्धा की रफ्तार थम नहीं रही।

500 साल पुराना चबूतरा या हालिया सोशल मीडिया सनसनी?
ग्रामवासियों का दावा है कि यह स्थल 500 वर्षों से अस्तित्व में है, लेकिन बीते 4 महीनों से सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और पोस्ट के चलते यह स्थान लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र बन गया है। इसी वायरल प्रभाव के चलते अब यहां केरू गांव और सालोडी के बीच वाहनों की लंबी कतारें रोज़ देखी जा सकती हैं। सूनसान जंगल अब मेला-सा नज़ारा पेश करता है।

पुजारी दुर्गाराम का दावा: "यहां बनेगा बड़ा मंदिर और ट्रस्ट"
स्थानीय पुजारी दुर्गाराम का कहना है कि पहले यहां कभी-कभार लोग दर्शन को आते थे, लेकिन पिछले कुछ महीनों से अचानक भीड़ बढ़ गई। उनका दावा है कि यहां असाध्य रोग तक परिक्रमा लगाने मात्र से ठीक हो जाते हैं। “धीरे-धीरे यहां एक बड़ा मंदिर और ट्रस्ट बनेगा,” पुजारी ने बताया।

हालांकि पंजाब केसरी न्यूज़ इन दावों की पुष्टि नहीं करता, लेकिन रिपोर्टिंग के दौरान ऐसे कई श्रद्धालु दिखे जो विकलांगता, पैरालिसिस, शुगर, बीपी और जोड़ों के दर्द जैसी बीमारियों से पीड़ित थे — और उपचार की आशा लिए यहां पहुंचे थे।

प्रशासन नदारद, भीड़ बेकाबू
श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के बावजूद प्रशासन की ओर से किसी प्रकार की ठोस व्यवस्था नहीं की गई है। ना पेयजल की व्यवस्था है, ना प्राथमिक चिकित्सा की सुविधा और ना ही ट्रैफिक कंट्रोल। यह स्थान गांव से दूर और ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर स्थित है, जहां आपात स्थिति में पहुंचना भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

क्या कहती है वैज्ञानिक दृष्टि?
आस्था का विज्ञान से टकराव कोई नया विषय नहीं है। अक्सर देखा गया है कि जब कोई स्थान अचानक चर्चाओं में आता है, तो वहां लोगों की उम्मीदें चमत्कारों से जुड़ जाती हैं। लेकिन बीमारियों के ठीक होने के दावे वैज्ञानिक जांच के दायरे में आते हैं और इनकी पुष्टि केवल मेडिकल जांच से ही संभव है।

निष्कर्ष: श्रद्धा और व्यवस्था के बीच फंसा सालोडी का सती धाम
सालोडी का यह सती माता धाम अब केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि जन-भावनाओं, सोशल मीडिया के प्रभाव और प्रशासनिक निष्क्रियता की एक अनोखी मिसाल बन चुका है। आस्था की रफ्तार फिलहाल थमने का नाम नहीं ले रही — सवाल ये है कि क्या प्रशासन इस पर समय रहते संज्ञान लेगा या फिर यह आस्था किसी अनियंत्रित भीड़ का रूप ले लेगी?

Related Story

    Trending Topics

    IPL
    Royal Challengers Bengaluru

    190/9

    20.0

    Punjab Kings

    184/7

    20.0

    Royal Challengers Bengaluru win by 6 runs

    RR 9.50
    img title
    img title

    Be on the top of everything happening around the world.

    Try Premium Service.

    Subscribe Now!