Edited By Anil Jangid, Updated: 12 Feb, 2026 01:54 PM

जयपुर। राजस्थान में शिक्षा, उच्च शिक्षा और आंगनवाड़ी के क्षेत्रों में शानदार काम होने वाला है। क्योंकि राजस्थान सरकार ने बजट 2026-27 में शिक्षा, उच्च शिक्षा और आंगनवाड़ी क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए व्यापक घोषणाएं की हैं। उप मुख्यमंत्री व वित्त...
जयपुर। राजस्थान में शिक्षा, उच्च शिक्षा और आंगनवाड़ी के क्षेत्रों में शानदार काम होने वाला है। क्योंकि राजस्थान सरकार ने बजट 2026-27 में शिक्षा, उच्च शिक्षा और आंगनवाड़ी क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए व्यापक घोषणाएं की हैं। उप मुख्यमंत्री व वित्त मंत्री दिया कुमारी द्वारा प्रस्तुत बजट में स्कूल शिक्षा से लेकर कौशल विकास तक कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं।
व्यावसायिक शिक्षा को दिया जाएगा बढ़ावा
व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए आगामी सत्र में 500 नए विद्यालयों में यह सुविधा शुरू की जाएगी, जिस पर 51.10 करोड़ रुपये खर्च होंगे। प्रत्येक जिले में एक विद्यालय को उन्नत व्यावसायिक उच्च माध्यमिक विद्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा।
मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहन दिया जाएगा
मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहन देने के तहत कक्षा आठवीं, दसवीं और 12वीं के चयनित छात्रों को टैबलेट या लैपटॉप खरीदने हेतु 20,000 रुपये तक का ई-वाउचर मिलेगा। जरूरतमंद छात्राओं को नौवीं कक्षा में प्रवेश पर साइकिल के लिए सहायता दी जाएगी। कक्षा एक से आठ तक के 40 लाख से अधिक विद्यार्थियों को निःशुल्क यूनिफॉर्म हेतु लगभग 250 करोड़ रुपये की डीबीटी दी जाएगी।
डिजिटल उपस्थिति को बढ़ावा दिया जाएगा
डिजिटल उपस्थिति को बढ़ावा देते हुए राजकीय विद्यालयों और आंगनवाड़ी केंद्रों में तीन से छह वर्ष के बच्चों के लिए फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति लागू की जाएगी। बालिकाओं के लिए शौचालय विहीन विद्यालयों में शौचालय निर्माण सुनिश्चित किया जाएगा।
विद्यालयों के बुनियादी ढांचे में सुधार किए जाएंगे
विद्यालयों के बुनियादी ढांचे के सुधार हेतु 2,500 से अधिक स्कूलों के जीर्णोद्धार पर 550 करोड़ रुपये खर्च होंगे। 300 नए भवनों का निर्माण 450 करोड़ रुपये से और 1,500 से अधिक कक्षाओं व लैब्स का निर्माण 200 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से किया जाएगा।
आंगनबाड़ी केंद्र बनेंगे नंद घर
आंगनवाड़ी क्षेत्र में 22,746 केंद्रों को खेल सामग्री और जादुई पिटारा उपलब्ध कराया जाएगा। 7,500 केंद्रों को ‘नंद घर’ के रूप में विकसित किया जाएगा तथा 3,800 केंद्रों की मरम्मत की जाएगी। 17,095 आंगनवाड़ी केंद्रों पर बिजली कनेक्शन लगाए जाएंगे।
महाविद्यालयों में प्रयोगशाला कक्ष बनाए जाएंगे
उच्च शिक्षा में 106 महाविद्यालयों में प्रयोगशाला कक्ष बनाए जाएंगे और 50 संस्थानों में IPR-TT सेल स्थापित होंगे। 400 विद्यालयों को CM-RISE स्कूलों में क्रमोन्नत किया जाएगा, जिस पर 1,000 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
युवाओं को विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा
इसके अलावा, प्रत्येक जिले में स्किल डेवलपमेंट संस्थान, 1,000 युवाओं को विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण और तीन नए टेक्नो हब स्थापित किए जाएंगे। यह बजट शिक्षा क्षेत्र में समग्र सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।