समृद्ध-स्वस्थ बनेगा राजस्थान, स्वास्थ्य क्षेत्र में होंगे बड़े निवेश

Edited By Anil Jangid, Updated: 12 Feb, 2026 01:26 PM

rajasthan budget 2026 focuses on prosperous healthy rajasthan

जयपुर। राजस्थान को समृद्ध व स्वस्थ बनाने को लेकर बड़े काम होने वाले हैं। इसको लेकर राजस्थान सरकार ने बजट 2026-27 में ‘समृद्ध राजस्थान-स्वस्थ राजस्थान’ का विजन पेश किया है जिसके चलते स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की व्यापक घोषणा की गई है।

जयपुर। राजस्थान को समृद्ध व स्वस्थ बनाने को लेकर बड़े काम होने वाले हैं। इसको लेकर राजस्थान सरकार ने बजट 2026-27 में ‘समृद्ध राजस्थान-स्वस्थ राजस्थान’ का विजन पेश किया है जिसके चलते स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने की व्यापक घोषणा की गई है। इसके लिए साल 2047 तक सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज, जीवन प्रत्याशा 77 वर्ष से अधिक, मातृ मृत्यु दर 15 प्रति लाख तथा शिशु मृत्यु दर 10 प्रति हजार जीवित जन्मों से कम करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

 

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में अपग्रेड होंगे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र
बजट में घोषणा की गई है कि स्वास्थ्य ढांचे के विस्तार के तहत पूँछरी का लौठा (डीग) के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को उप जिला चिकित्सालय में क्रमोन्नत किया जाएगा, जबकि लाडपुरा (कोटा) में 75 बेड का नया चिकित्सालय खोला जाएगा। हाथीदेह (श्रीमाधोपुर), बड़ाखेड़ा (ब्यावर) और शेरगढ़ (बांसवाड़ा) के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में अपग्रेड किया जाएगा। जयपुर के खिरनी फाटक में शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित होगा।

 

अस्पतालों की होगी काया पलट
इसके साथ ही भीलवाड़ा के महात्मा गांधी चिकित्सालय में नई यूनिट हेतु 20 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। तीन सैटेलाइट अस्पतालों और 126 सीएचसी में एक्स-रे मशीनें तथा 129 सीआर सिस्टम उपलब्ध कराए जाएंगे। झालावाड़ और टोंक मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में एमआरआई मशीनें स्थापित की जाएंगी।

 

आपातकालीन सेवाओं को किया जाएगा सशक्त
वहीं, आपातकालीन सेवाओं को सशक्त करने के लिए ‘RAJ-SURAKSHA’ योजना लागू होगी। इसके तहत 24x7 क्रिटिकल केयर कमांड सेंटर, लाइव विशेषज्ञ परामर्श, सीएचसी स्तर पर ईसीजी/टेली-ईसीजी व थ्रोम्बोलिसिस सुविधा और ड्राइविंग लाइसेंस धारकों के लिए सीपीआर प्रशिक्षण अनिवार्य किया जाएगा। ट्रॉमा सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए 150 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

 

जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे
बजट में घोषणा की गई है कि मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में ‘Raj-MAMTA’ कार्यक्रम के तहत एसएमएस मेडिकल कॉलेज, जयपुर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित होगा। जिला मुख्यालयों पर मेंटल हेल्थ केयर सेल और स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे।

 

पीडियाट्रिक आईपीडी और नियो-नेटल आईसीयू विकसित होंगे
वहीं, बाल स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने हेतु जेके लोन अस्पताल, जयपुर में 75 करोड़ रुपये की लागत से 500 बेड का आईपीडी टावर और पीडियाट्रिक न्यूरोलॉजी विभाग स्थापित होगा। RUHS में 200 बेड का पीडियाट्रिक आईपीडी और नियो-नेटल आईसीयू विकसित किया जाएगा।

 

आयुर्वेद अस्पतालों का भी होगा क्रमोन्नयन
इसके अलावा 12 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, 500 नए ड्रग डिस्ट्रीब्यूशन काउंटर, 150 पीजी सीटों की वृद्धि और प्रमुख मेडिकल कॉलेजों में 500 करोड़ रुपये की लागत से विश्राम गृह बनाए जाएंगे। आयुर्वेद अस्पतालों का भी क्रमोन्नयन किया जाएगा तथा ‘मोक्ष वाहिनी योजना’ के तहत दुर्घटना मृतकों के पार्थिव शरीर को सम्मानपूर्वक घर तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी।

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