Edited By Anil Jangid, Updated: 02 Feb, 2026 02:30 PM

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर नियमित जनसुनवाई का आयोजन किया, जिसमें बड़ी संख्या में आमजन अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। जनसुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री ने हर परिवादी की बात को गंभीरता से सुना और संबंधित...
जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर नियमित जनसुनवाई का आयोजन किया, जिसमें बड़ी संख्या में आमजन अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। जनसुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री ने हर परिवादी की बात को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जनता से जुड़े मामलों में लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हर शिकायत पर फॉलोअप सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं और राहत को पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि सरकार विभिन्न लोककल्याणकारी योजनाओं और कार्यक्रमों का संचालन कर रही है, ताकि समाज के हर वर्ग को लाभ मिल सके। हमारी नीतियों और निर्णयों के केंद्र में लोककल्याण है और जनसेवा ही सरकार की प्राथमिकता है।
जनसुनवाई के दौरान ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज, श्रम, कृषि, गृह, राजस्व, जयपुर विकास प्राधिकरण, नगर निगम, शिक्षा, चिकित्सा, पेयजल सहित कई विभागों से संबंधित शिकायतें सामने आईं। मुख्यमंत्री ने कई मामलों में मौके पर ही समाधान करवाया, वहीं शेष प्रकरणों को समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए।
इस जनसुनवाई में महिलाएं, युवा, दिव्यांगजन और वृद्धजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। अपनी समस्याओं का समाधान मिलने पर परिवादी संतुष्ट नजर आए और उन्होंने सरकार के प्रति विश्वास व्यक्त किया। लोगों ने कहा कि इस तरह की जनसुनवाई से उन्हें सीधे अपनी बात रखने का अवसर मिलता है, जिससे प्रशासन में पारदर्शिता और विश्वास बढ़ता है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी कि जनसेवा की भावना से काम न करने वाले कर्मचारियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि आमजन की समस्याओं का समय पर समाधान ही सुशासन की पहचान है।
जनसुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न संस्थाओं द्वारा आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों के पोस्टरों का विमोचन भी किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और आमजन उपस्थित रहे। यह जनसुनवाई सरकार और जनता के बीच संवाद का एक सशक्त माध्यम बनकर सामने आई है।