Edited By Anil Jangid, Updated: 29 Jan, 2026 04:25 PM

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार देर रात नई दिल्ली में केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से शिष्टाचार भेंट कर राजस्थान के कृषि एवं ग्रामीण विकास से जुड़े अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। यह मुलाकात राज्य के लिए अत्यंत...
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार देर रात नई दिल्ली में केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से शिष्टाचार भेंट कर राजस्थान के कृषि एवं ग्रामीण विकास से जुड़े अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। यह मुलाकात राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि केंद्र सरकार द्वारा मटेरियल कंपोनेंट के तहत राजस्थान को 825 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है, जिससे प्रदेश के ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री शर्मा ने इस राशि को जारी किए जाने पर केंद्रीय मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे ग्रामीण सड़कों, आवास, जल संरक्षण, रोजगार सृजन और पंचायत स्तर पर विकास कार्यों को गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि यह राशि मनरेगा सहित विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत गांवों में स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण में सहायक होगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नया बल मिलेगा।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि स्वीकृत राशि की अग्रिम किश्त का भुगतान शीघ्र किया जाएगा, ताकि राज्य में विकास कार्यों में किसी प्रकार की देरी न हो। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार किसानों और ग्रामीणों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और राजस्थान को हरसंभव सहयोग दिया जाएगा।
बैठक के दौरान प्रदेश में संचालित कृषि एवं ग्रामीण विकास से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा भी की गई। इसमें किसानों की आय बढ़ाने, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, कृषि अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण, ग्रामीण रोजगार सृजन तथा महिला स्व-सहायता समूहों को सशक्त बनाने जैसे विषयों पर विशेष चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री शर्मा ने राज्य में जल संरक्षण, फसल विविधीकरण और आधुनिक कृषि तकनीकों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि सरकार किसानों को तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण और बाजार से जोड़ने के लिए नए कदम उठा रही है।
यह मुलाकात राज्य और केंद्र के बीच बेहतर समन्वय को दर्शाती है। दोनों नेताओं ने भरोसा जताया कि आपसी सहयोग से राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की रफ्तार तेज होगी और किसानों के जीवन स्तर में सुधार आएगा।