Edited By Anil Jangid, Updated: 08 Aug, 2026 01:53 PM

राजस्थान सरकार के इस नए आदेश के अनुसार अब सरकारी और निजी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को आधार कार्ड बनवाने या बायोमेट्रिक अपडेट कराने के लिए आधार केंद्रों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
जयपुर। राजस्थान की भजनलाल सरकार ने स्कूली छात्रों के लिए संचालित दो महत्वपूर्ण योजनाओं में बड़ा बदलाव किया है। अब सरकार के नए फैसलों से लाखों विद्यार्थियों को स्कूल में ही निःशुल्क आधार कार्ड बनवाने और बायोमेट्रिक अपडेट की सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही साइकिल योजना का लाभ लेने वाली छात्राओं के लिए ट्रांसपोर्ट वाउचर योजना के नियम बदले गए हैं। सरकार का दावा है कि इन बदलावों से विद्यार्थियों को अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक व्यवस्था मिलेगी।
राजस्थान सरकार के इस नए आदेश के अनुसार अब सरकारी और निजी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को आधार कार्ड बनवाने या बायोमेट्रिक अपडेट कराने के लिए आधार केंद्रों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद ने प्रदेश के 295 ब्लॉकों में मोबाइल आधार सेवा केंद्र शुरू करने के निर्देश जारी किए हैं।
इस व्यवस्था का संचालन रेलटेल एजेंसी अगले पांच वर्षों तक करेगी। यह सेवा विद्यार्थियों के लिए पूरी तरह निःशुल्क रहेगी। सोमवार से शनिवार तक सुबह 9:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक स्कूलों में शिविर लगाए जाएंगे और प्रतिदिन एक केंद्र पर करीब 50 विद्यार्थियों का आधार नामांकन किया जाएगा। स्कूल प्रशासन विद्यार्थियों के एसआर नंबर, जन्म प्रमाण पत्र और पते सहित आवश्यक दस्तावेज तैयार रखेगा, जबकि ब्लॉक स्तर पर रूट चार्ट बनाकर शिविरों का संचालन किया जाएगा।
आपको बता दें कि सरकार ने ट्रांसपोर्ट वाउचर योजना को लेकर भी बड़ा बदलाव किया है। अब जिन छात्राओं को पहले से निःशुल्क साइकिल योजना का लाभ मिल चुका है, वे ट्रांसपोर्ट वाउचर योजना के लिए पात्र नहीं होंगी।
सरकार के मुताबिक ट्रांसपोर्ट वाउचर योजना का उद्देश्य दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों की पढ़ाई अनवरत रूप से चलाने के लिए है। इस योजना के तहत मिलने वाली राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से सीधे विद्यार्थी या उनके अभिभावकों के बैंक खाते में भेजी जाएगी, जिससे फर्जीवाड़े, बिचौलियों और अनियमितताओं पर रोक लगेगी।
सरकार के इन दोनों फैसलों से प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों और अभिभावकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। एक ओर आधार जैसी जरूरी प्रक्रिया अब स्कूल परिसर में ही पूरी होगी, वहीं दूसरी ओर ट्रांसपोर्ट वाउचर की राशि सीधे बैंक खाते में पहुंचने से पारदर्शिता बढ़ेगी और पात्र विद्यार्थियों को समय पर लाभ मिल सकेगा।