Edited By Anil Jangid, Updated: 08 Aug, 2026 01:48 PM

जयपुर। राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में हाल ही में कैबिनेट और मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में कर्मचारियों, मजदूरों, किसानों और उद्योग क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
जयपुर। राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में हाल ही में कैबिनेट और मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में कर्मचारियों, मजदूरों, किसानों और उद्योग क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इस बैठक के बाद कानून मंत्री जोगाराम पटेल, उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा और उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य मजदूरी संहिता 2026 लागू करने का निर्णय लिया गया है। जिसके तहत मजदूरों का महंगाई भत्ता अब साल में दो बार बढ़ाया जाएगा। इसके साथ ही लगातार पांच घंटे काम कराने के बाद आधे घंटे का विश्राम देना अनिवार्य होगा।
राजस्थान कैबिनेट ने राज्य मजदूरी संहिता 2026 को मंजूरी देते हुए न्यूनतम वेतन तय करने के लिए वैज्ञानिक पद्धति अपनाने का फैसला किया है। इन नए प्रावधानों के अनुसार मजदूरों के वेतन में हर वर्ष 1 अप्रैल और 1 अक्टूबर को संशोधन किया जाएगा। इसके साथ ही सभी नियोक्ताओं के लिए कर्मचारियों को सैलरी स्लिप देना भी अनिवार्य किया गया है। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि भुगतान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बन सके।
इस नई व्यवस्था के तहत किसी भी मजदूर से सप्ताह में अधिकतम 48 घंटे ही काम लिया जा सकेगा। इसके अलावा यदि कोई कर्मचारी लगातार पांच घंटे काम करता है तो उसे कम से कम 30 मिनट का ब्रेक देना अनिवार्य होगा। इन नए प्रावधानों को लेकर सरकार का कहना है कि इनसे श्रमिकों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और कार्यक्षमता में सुधार आएगा।