Govt Scheme : 4 साल से 115 छात्राओं को नहीं मिली स्कूटी! मेधावी छात्राओं को ऐसे किया जा रहा गुमराह

Edited By Anil Jangid, Updated: 10 Jun, 2026 01:17 PM

tonk 115 female students have not received their scooters

राजस्थान के टोंक जिले में कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना को लेकर बड़ा मामला सामने आया है। वर्ष 2022-23 में चयनित 115 छात्राओं को अब तक स्कूटी नहीं मिली है। छात्राओं का आरोप है कि सभी दस्तावेज जमा कराने के बावजूद उन्हें पिछले चार वर्षों से...

जयपुर। राजस्थान में सरकार द्वारा मेधावी छात्राओं के लिए कालीबाई मेधावी छात्रा स्कूटी योजना चलाई जा रही है जिसके तहत उन्हें फ्री में स्कूटी दी जाती है। इस योजना को चलाने के पीछे की वजह छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना एवं सशक्त बनाना है। अभी तक इस योजना का फायदा सैंकड़ों छात्राएं उठा चुकी हैं और उच्च शिक्षा ग्रहण कर रही है। लेकिन राजस्थान के टोंक जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। जिसके तहत यहां पर 4 साल से इस योजना को लेकर छात्राओं को गुमराह किया जा रहा है।

 

जी हां, टोंक जिले में कालीबाई मेधावी छात्रा स्कूटी योजना में चयनित छात्राओं ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। क्योंकि यहां पर 4 साल से 115 छात्राओं को स्कूटी नहीं मिली है जिसके चलते उनमें नाराज़गी है। यहां पर सरकारी गर्ल्स कालेज की छात्राओं ने ज्ञापन के जरिए बताया कि साल 2022-23 में कालीबाई मेधावी छात्रा स्कूटी योजना में उनका चयन हुआ था। जिसके चलते उन्होंने सभी दस्तावेज जमा करवा दिए। लेकिन आज भी 115 बालिकाओं को ई-बाउचर का बहाना बनाकर गुमराह किया जा रहा है। ऐसे में छात्राओं ने कलेक्टर के नाम एडीएम को ज्ञापन सौंपकर जल्द स्कूटी दिलाने की मांग की है। हालांकि, अब जिला कलेक्टर इस मामले में क्या एक्शन लेते हैं यह देखना बाकी है।

 

आपको बता दें कि कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना राजस्थान सरकार द्वारा मेधावी छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित और सशक्त बनाने हेतु चलाई जा रही एक महत्वपूर्ण कल्याणकारी पहल है। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और उत्कृष्ट शैक्षणिक पृष्ठभूमि वाली छात्राओं को सम्मानित करना और उन्हें उच्च शिक्षा के लिए स्कूटी प्रदान करके आत्मनिर्भर बनाना है। इस योजना का लाभ राजस्थान की मूल निवासी छात्राएं उठा सकती हैं। इसके लिए राजस्थान बोर्ड से 12वीं कक्षा में कम से कम 65 प्रतिशत एवं केंद्रीय बोर्ड से 12वीं में कम से कम 75 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य है। हालांकि, इसका फायदा वो ही मेधावी छात्राएं उठा सकती हैं जिनके परिवार की वार्षिक आय ढ़ाई लाख रूपये से अधिक नहीं है।

 

हालांकि, इन सभी पात्रताओं को रखने एवं आवश्यक दस्तावेज जमा कराने के बावजूद टोंक जिले की इन 115 मेधावी छात्राओं को पिछले चार साल से स्कूटी मिलने का इंतजार है जो शायद अब कलेक्टर को ज्ञापन देने के बाद खत्म हो जाए। धन्यवाद।

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