भीलवाड़ा में RGPRS का सर्वोदय संकल्प शिविर: ‘स्वराज बनाम केंद्रीकरण’ पर वैचारिक मंथन, पंचायत चुनाव की रणनीति पर जोर

Edited By Kuldeep Kundara, Updated: 01 Mar, 2026 06:29 PM

sarvodaya sankalp camp of rgprs in bhilwara

भीलवाड़ा। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के पंचायती राज विभाग, राजीव गांधी पंचायती राज संगठन (RGPRS) द्वारा आयोजित दो दिवसीय सर्वोदय संकल्प शिविर के प्रथम दिवस में वैचारिक विषयों पर व्यापक मंथन एवं संवाद हुआ।

भीलवाड़ा। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के पंचायती राज विभाग, राजीव गांधी पंचायती राज संगठन (RGPRS) द्वारा आयोजित दो दिवसीय सर्वोदय संकल्प शिविर के प्रथम दिवस में वैचारिक विषयों पर व्यापक मंथन एवं संवाद हुआ। शिविर में प्रदेश भर से आए जनप्रतिनिधियों, संभावित प्रत्याशियों एवं संगठन पदाधिकारियों ने सक्रिय सहभागिता की।

प्रथम सत्र में संगठन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सी.बी. यादव “दो विचारधाराओं का संघर्ष” विषय पर चर्चा करते हुए बताया कि वर्तमान समय में देश में एक ओर केंद्रीकरण एवं सत्ता-प्रधान राजनीति की प्रवृत्ति है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस की स्वराज, विकेंद्रीकरण एवं जनभागीदारी पर आधारित विचारधारा है। यह संघर्ष केवल सत्ता का नहीं, बल्कि मूल्यों, संविधान और लोकतांत्रिक परंपराओं की रक्षा का संघर्ष है।

“स्वराज की राजनीति” विषय पर विचार रखते हुए डॉ यादव ने कहा कि वास्तविक लोकतंत्र ग्राम सभा से प्रारंभ होता है। महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के स्वप्न को साकार करने के लिए पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाना अनिवार्य है। कांग्रेस विचारधारा में सर्वोदय का अर्थ है – सबका उत्थान, अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुंचाना। यही दर्शन संगठन के प्रत्येक कार्यकर्ता की प्रेरणा का स्रोत है।

कांग्रेस जिला अध्यक्ष रामलाल जाट ने अपने संबोधन में कहा कि वैचारिक स्पष्टता ही संगठन की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे गांव-गांव जाकर कांग्रेस की सर्वोदय आधारित सोच को जन-जन तक पहुंचाएं और आगामी पंचायत एवं निकाय चुनावों में संगठनात्मक मजबूती सुनिश्चित करें।

राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के जिला अध्यक्ष श्यामलाल गुर्जर ने कहा कि यह शिविर केवल प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि वैचारिक पुनर्जागरण का मंच है। संगठन के महासचिव एवं प्रशिक्षक श्री श्याम पुरोहित ने कार्यकर्ताओं की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता का जनता से “चूल्हे का रिश्ता” होना चाहिए — अर्थात वह केवल चुनाव के समय नहीं, बल्कि सुख-दुख, रोजमर्रा की समस्याओं और सामाजिक सरोकारों में निरंतर साथ खड़ा रहे।  दिन भर चले सत्रों में प्रतिभागियों ने संवादात्मक शैली में अपने अनुभव साझा किए तथा संगठन की भावी रणनीति पर विचार-विमर्श किया। शिविर का दूसरे दिन पार्टी के बड़े नेताओं के भी सम्मिलित होंगे तथा पंचायती राज चुनाव और मनरेगा आंदोलन की रूपरेखा भी तैयार होगी ।

Related Story

    Trending Topics

    img title
    img title

    Be on the top of everything happening around the world.

    Try Premium Service.

    Subscribe Now!