Edited By Kuldeep Kundara, Updated: 13 Apr, 2026 07:32 PM

सोशल मीडिया पर हुई टिप्पणी से आपा खो बैठे प्रताप नगर थानेदार राजपाल सिंह द्वारा वरिष्ठ पत्रकार अनिल राठी को डराने और गोली मार देने की धमकी देने के मामले में राठी ने वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत भी की लेकिन कार्रवाई के नाम पर पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र...
भीलवाड़ा । ठीक एक महीने पहले सोशल मीडिया पर हुई टिप्पणी से आपा खो बैठे प्रताप नगर थानेदार राजपाल सिंह द्वारा वरिष्ठ पत्रकार अनिल राठी को डराने और गोली मार देने की धमकी देने के मामले में राठी ने वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत भी की लेकिन कार्रवाई के नाम पर पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने सीआई को महज 17 सीसी का नोटिस जारी किया था जिससे असंतुष्ट पत्रकार राठी ने उच्च न्यायालय में रिट दायर की थी। राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर में एसबी क्रिमिनल रिट पीटिशन नं. 1546/2026 की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति फरजंद अली ने राठी को राहत प्रदान की। न्यायमूर्ति अली ने अपने आदेश 10 अप्रेल 2026 में रेस्पांडेंट नं.5 राजपाल सिंह सीआई थाना प्रतापनगर को नोटिस के द्वारा आगामी 23 अप्रेल को हाईकोर्ट जोधपुर पीठ के समक्ष पेश होने का आदेश दिया है। न्यायमूर्ति ने अपने आदेश में नोटिस पीटिशन राठी दस्ती दिए जाने का ऑर्डर किया है।साथ ही इस मामले में त्वरित कार्यवाही करने हेतु दस्ती आदेश पुलिस अधीक्षक भीलवाड़ा को दिए जाने का ऑर्डर दिया है।
उल्लेखनीय है कि पत्रकार राठी ने सोशल मीडिया पर किसी मामले में टिप्पणी की थी जिससे क्रोधित हुए सीआई राजपाल सिंह ने बुजुर्ग राठी को अपशब्दों का प्रयोग करते हुए गोली मारने की धमकी दी थी।पत्रकार को डराने एवं गोली मार देने की धमकी की रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर वायरल होने पर पत्रकार राठी द्वारा पुलिस अधिकारियों को लिखित शिकायत की गई,पर कार्रवाई नहीं की गई। उच्च न्यायालय में पीटिशनर राठी ने राजस्थान सरकार,डीजीपी पुलिस, आईजीपी अजमेर,एसपी भीलवाड़ा एसएचओ प्रतापनगर राजपाल सिंह को रिट में पार्टी बनाया।रिट में पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता बी एस चारण द्वारा की गई।