Edited By Anil Jangid, Updated: 03 Apr, 2026 08:04 PM

कोटा: राजस्थान के कोटा जिले में एक मामूली विवाद ने जो भयावह रूप लिया था, उसमें आखिरकार आठ साल बाद न्याय मिल गया है। कोटा की अदालत ने बकरे के विवाद को लेकर हुई हत्या के मामले में एक ही परिवार के 12 लोगों को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई है।
कोटा: राजस्थान के कोटा जिले में एक मामूली विवाद ने जो भयावह रूप लिया था, उसमें आखिरकार आठ साल बाद न्याय मिल गया है। कोटा की अदालत ने बकरे के विवाद को लेकर हुई हत्या के मामले में एक ही परिवार के 12 लोगों को आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई है। इसके साथ ही सभी दोषियों पर 13-13 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। यह फैसला कोटा के न्यायिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है, क्योंकि पहली बार एक साथ इतने लोगों को उम्रकैद की सज़ा सुनाई गई है।
यह घटना 31 अगस्त 2018 को उद्योग नगर थाना क्षेत्र की बॉम्बे योजना कॉलोनी में हुई थी। मामले के अनुसार, फरियादी हिद जाहिद हुसैन ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके मामा अब्दुल अज़ीज़ उर्फ पप्पू का पड़ोसी रमजानी से बकरे को लेकर विवाद हो गया था। इस विवाद को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने के उद्देश्य से कुछ लोग रमजानी के घर पहुंचे थे, लेकिन वहां स्थिति अचानक हिंसक हो गई।
रमजानी और उसके परिवार के अन्य सदस्यों ने चाकू, लाठी और अन्य धारदार हथियारों से हमला कर दिया। इस हमले में इश्तियाक हुसैन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य लोग भी गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतक इश्तियाक हुसैन एक रिटायर्ड एएसआई के बेटे थे, जिससे इस मामले ने और भी संवेदनशील रूप ले लिया।
लंबी सुनवाई और जांच के बाद अदालत ने पाया कि इस हमले में शामिल सभी आरोपी एक ही परिवार के सदस्य थे और उन्होंने मिलकर सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया था। कोर्ट ने मुख्य आरोपी रमजानी, उसकी पत्नी फरज़ाना, उनके बेटे मुश्ताक और मुख्तार सहित कुल 12 लोगों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सज़ा सुनाई।
इस फैसले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कानून के सामने कोई भी अपराधी बच नहीं सकता, चाहे उसे सज़ा मिलने में कितना भी समय क्यों न लगे। पीड़ित परिवार के लिए यह फैसला न्याय और राहत लेकर आया है, वहीं समाज के लिए यह एक कड़ा संदेश है कि छोटी-सी बात पर हिंसा का रास्ता अपनाने के गंभीर परिणाम हो सकते हैं।