Edited By Afjal Khan, Updated: 01 Mar, 2026 05:21 PM

धौलपुर शहर के प्रमुख प्रतीकों में शामिल ऐतिहासिक घंटाघर एक बार फिर सक्रिय होने जा रहा है। नगर परिषद ने इसके सौंदर्यीकरण और पुनर्स्थापना की प्रक्रिया शुरू कर दी है। योजना के अनुसार यहां नई और आकर्षक एनालॉग घड़ियां स्थापित की जाएंगी, जो हर घंटे ध्वनि...
धौलपुर शहर के प्रमुख प्रतीकों में शामिल ऐतिहासिक घंटाघर एक बार फिर सक्रिय होने जा रहा है। नगर परिषद ने इसके सौंदर्यीकरण और पुनर्स्थापना की प्रक्रिया शुरू कर दी है। योजना के अनुसार यहां नई और आकर्षक एनालॉग घड़ियां स्थापित की जाएंगी, जो हर घंटे ध्वनि संकेत के साथ समय बताएंगी। अधिकारियों का कहना है कि यदि कार्य तय समय पर पूरा हुआ तो अगले महीने तक घड़ियां लग जाएंगी।
पहले प्रयास पुरानी घड़ी को दुरुस्त करने के थे, लेकिन अत्यधिक पुरानी तकनीक और स्पेयर पार्ट्स की अनुपलब्धता के कारण मरम्मत में बार-बार बाधाएं आ रही थीं। लगातार मेंटेनेंस की समस्या को देखते हुए नई घड़ियां लगाने का निर्णय लिया गया। तय योजना के तहत सिटी जुबली दिशा और पुरानी नगर परिषद की ओर दो बड़ी डायल वाली घड़ियां लगाई जाएंगी, ताकि शहर के अलग-अलग हिस्सों से समय स्पष्ट रूप से देखा जा सके।
विरासत और आस्था से जुड़ा है घंटाघर
नगर परिषद आयुक्त कर्मवीर सिंह ने बताया कि घंटाघर केवल एक ढांचा नहीं, बल्कि शहर की ऐतिहासिक पहचान है। पारंपरिक मान्यताओं में बंद घड़ी को ठहराव का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में शहर के मध्य स्थित घंटाघर का निष्क्रिय रहना सकारात्मक संकेत नहीं माना जाता। इसी सोच के साथ इसे दोबारा जीवंत बनाने की योजना तैयार की गई है।
सौंदर्यीकरण कार्य के तहत स्थायी प्रकाश व्यवस्था भी की जाएगी, जिससे विशेष अवसरों पर अतिरिक्त सजावट की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। साथ ही सुरक्षा के मद्देनजर नीचे गेट लगाए जाएंगे, ताकि मवेशियों के चढ़ने और गंदगी फैलने जैसी समस्याओं पर रोक लग सके।
रियासतकालीन धरोहर
धौलपुर का यह घंटाघर रियासतकाल में निर्मित हुआ था। इसकी शुरुआत महाराज राना निहाल सिंह के समय हुई और निर्माण कार्य महाराज उदयभान सिंह के शासनकाल में पूरा हुआ। लगभग 150 फीट ऊंची इस इमारत में लगी पुरानी घड़ी का वजन करीब 600 किलोग्राम बताया जाता है। इसका निर्माण इंग्लैंड की कंपनी Gillet & Johnston द्वारा किया गया था।
अब प्रशासन इस ऐतिहासिक धरोहर को आधुनिक सुविधाओं के साथ नए स्वरूप में सहेजने की तैयारी में है।