Edited By Ishika Jain, Updated: 02 Apr, 2026 05:50 PM

दिल्ली में संसद के दौरान राहुल कस्वां ने लोकसभा के शून्यकाल में देशभर के ट्रक ड्राइवरों से जुड़े अहम मुद्दे को उठाया। उन्होंने कहा कि राजमार्गों पर ट्रक चालकों के साथ हो रही प्रताड़ना एक गंभीर समस्या बन चुकी है, जिस पर सरकार को तुरंत ठोस कदम उठाने...
दिल्ली में संसद के दौरान राहुल कस्वां ने लोकसभा के शून्यकाल में देशभर के ट्रक ड्राइवरों से जुड़े अहम मुद्दे को उठाया। उन्होंने कहा कि राजमार्गों पर ट्रक चालकों के साथ हो रही प्रताड़ना एक गंभीर समस्या बन चुकी है, जिस पर सरकार को तुरंत ठोस कदम उठाने चाहिए।
देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं ट्रक ड्राइवर
सांसद कस्वां ने बताया कि देश में करीब पौने दो करोड़ ट्रक ड्राइवर कार्यरत हैं, जो भारत की लॉजिस्टिक्स व्यवस्था का अहम हिस्सा हैं। ये चालक देश में 63% से अधिक माल ढुलाई का जिम्मा संभालते हैं, इसके बावजूद उन्हें सम्मान और सुरक्षा नहीं मिल पा रही है।
हाइवे पर हो रहा शोषण
उन्होंने आरोप लगाया कि देश के विभिन्न हिस्सों में राजमार्गों पर सरकारी अधिकारियों द्वारा ट्रक ड्राइवरों को बेवजह रोका जाता है और नियमों का हवाला देकर परेशान किया जाता है। इससे न केवल उनका आत्मसम्मान प्रभावित होता है, बल्कि सड़क हादसों का खतरा भी बढ़ जाता है।
फास्टैग के बावजूद समस्या बरकरार
सांसद ने कहा कि FASTag जैसी व्यवस्थाएं लागू होने के बावजूद जमीनी स्तर पर ड्राइवरों की समस्याएं कम नहीं हुई हैं। ट्रक चालकों को अभी भी कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
हालिया घटना का भी किया जिक्र
उन्होंने चूरू के कोलासर में हुए एक हादसे का उल्लेख करते हुए बताया कि रणजीत नामक व्यक्ति की जान चली गई, जो इस तरह की परिस्थितियों का शिकार बना। इस घटना को उन्होंने गंभीर चिंता का विषय बताया।
सरकार से की ये मांगें
सांसद कस्वां ने सरकार से ट्रक ड्राइवरों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए कुछ अहम सुझाव दिए—
- हाइवे पर तय स्थानों (डेडिकेटेड स्पॉट) पर ही वाहनों की जांच की जाए
- टोल प्लाजा पर जांच की व्यवस्था हो, ताकि CCTV निगरानी के जरिए पारदर्शिता बनी रहे
उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार को ड्राइवरों के आत्मसम्मान और सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जल्द नई व्यवस्था लागू करनी चाहिए।