हनुमानगढ़ में सीटू का प्रदर्शन, मजदूरों के हक में उठाई आवाज: न्यूनतम वेतन 26 हजार करने समेत 11 मांगें भेजीं

Edited By Ishika Jain, Updated: 16 Apr, 2026 03:42 PM

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हनुमानगढ़ में सीटू जिला कमेटी ने मजदूरों के अधिकारों को लेकर केंद्र सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें श्रमिकों पर हो रहे दमन को रोकने और न्यूनतम मासिक वेतन 26 हजार रुपए तय करने सहित 11 अहम मांगें रखी गई हैं।

हनुमानगढ़ में सीटू जिला कमेटी ने मजदूरों के अधिकारों को लेकर केंद्र सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा। इसमें श्रमिकों पर हो रहे दमन को रोकने और न्यूनतम मासिक वेतन 26 हजार रुपए तय करने सहित 11 अहम मांगें रखी गई हैं।

देशभर में तेज हो रहा मजदूर आंदोलन
माकपा नेता रघुवीर वर्मा ने बताया कि 9 अप्रैल से नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम, दिल्ली-एनसीआर सहित हरियाणा, राजस्थान, गुजरात और बिहार के औद्योगिक क्षेत्रों में मजदूर आंदोलन तेज हो गया है। बड़ी संख्या में श्रमिक अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतर रहे हैं।

महंगाई और वेतन असमानता के खिलाफ आक्रोश
सीटू के अनुसार, ये आंदोलन बढ़ती महंगाई, कम वेतन, ठेका प्रथा और असुरक्षित कार्य परिस्थितियों के खिलाफ हैं। संगठन का कहना है कि श्रमिक वर्ग आर्थिक दबाव में है और उसे मूल सुविधाएं तक नहीं मिल पा रही हैं।

दमनात्मक कार्रवाई के आरोप
संगठन ने आरोप लगाया कि मजदूरों की मांगों पर बातचीत करने के बजाय कई राज्यों में दमनात्मक कार्रवाई की जा रही है। जगह-जगह गिरफ्तारियां, छापेमारी और महिला श्रमिकों के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं सामने आई हैं। ट्रेड यूनियन नेताओं की गिरफ्तारी को भी लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया गया है।

कम वेतन, ज्यादा काम—मजदूर परेशान
ज्ञापन में बताया गया कि मौजूदा हालात में मजदूरों को 10 से 12 हजार रुपए मासिक वेतन पर 10-12 घंटे तक काम करना पड़ रहा है। वहीं महंगाई के कारण जरूरी वस्तुओं और रसोई गैस के दाम लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे उनकी स्थिति और कठिन हो गई है।

ये हैं प्रमुख मांगें
ज्ञापन में गिरफ्तार मजदूरों और यूनियन नेताओं की रिहाई, दर्ज मुकदमों की वापसी, आंदोलन पर रोक लगाने, त्रिपक्षीय वार्ता शुरू करने, न्यूनतम वेतन 26 हजार करने, 8 घंटे का कार्यदिवस लागू करने, ओवरटाइम भुगतान सुनिश्चित करने, ईएसआई-पीएफ जैसी सुविधाएं देने और ठेका प्रथा खत्म कर नियमितीकरण की मांग शामिल है।

सीटू ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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